हार के बाद पार्टी को मजबूत करने के लिए ममता बनर्जी पुराने नेताओं को दे रही बढ़ावा

11 मई/ DPH NEWS

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में बीजेपी की बड़ी जीत हुई है और शुभेंदु अधिकारी राज्य के पहले भाजपाई मुख्यमंत्री बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की नए दौर की बीजेपी ने पूर्व सीएम ममता बनर्जी का किला ध्वस्त कर दिया है। इसके बाद ममता बनर्जी लगातार अपनी पार्टी के नए तरह से संगठित कर रही हैं।खास बात यह भी है कि ममता बनर्जी पुराने नेताओं को बढ़ावा दे रही हैं, जबकि पार्टी में दूसरे नंबर के नेता अभिषेक बनर्जी के खेमे के नेताओं को कोई जगह नहीं मिल रही है। पिछली टीएमसी सरकार में अभिषेक खेमे के कई नेता पार्टी में थे। टीएमसी के कई पुरानी पीढ़ी के नेताओं ने दबे मुंह अभिषेक बनर्जी के खेमे पर चुनाव में हार से जुड़े गंभीर आरोप भी लगाए थे।साल 2021 के विधानसभा चुनावों में टीएमसी की शानदार जीत के बाद अभिषेक ने संगठन के भीतर युवा नेताओं के अधिक प्रतिनिधित्व के लिए जोर दिया था। 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले भी उन्होंने सुदीप बंद्योपाध्याय और सौगता रॉय जैसे वरिष्ठ नेताओं को टिकट न देने की कोशिश की थी, लेकिन ममता बनर्जी ने अपने पुराने नेताओं को तव्ज्जो दी थी। इसके चलते नेताओं को पुराने नेताओं को टिकट दिया था।इस बार के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने कम से कम 74 मौजूदा विधायकों की जगह नए चेहरों को टिकट दिया। इसे कई नेताओं ने निजी तौर पर स्वीकार किया कि इससे कई निर्वाचन क्षेत्रों में आंतरिक असंतोष और गुटबाजी को बढ़ावा मिला। अभिषेक को राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पीएसी को लाने और उसका समर्थन करने वाले नेता के रूप में भी देखा जाता था, जिसने पार्टी को 2021 के चुनाव में जीत दिलाने में मदद की थी।

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