
24 जून/ DPH NEWS
सार
भारत में कोलकाता की रेड रोड पर पीएम मोदी ने रविवार को योगाभ्यास किया. कभी सोचा है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए 21 जून की तारीख ही क्यों चुनी गई है. यह तारीख यूं ही नहीं रखी गई है. इसके पीछे भी विज्ञान है. 21 जून साल का सबसे लम्बा दिन होता है.
विस्तार
भारत में कोलकाता की रेड रोड पर पीएम मोदी ने रविवार को योगाभ्यास किया. कभी सोचा है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए 21 जून की तारीख ही क्यों चुनी गई है. यह तारीख यूं ही नहीं रखी गई है. इसके पीछे भी विज्ञान है. 21 जून साल का सबसे लम्बा दिन होता है. यह खास दिन सदियों से भारतीय परंपरा और ब्रह्मांड की खास खगोलीय घटना से जुड़ा हुआ है.21 जून को उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन होता है. इसे ग्रीष्म संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है. आसान भाषा में समझें तो इस दिन सूरज आकाश में सबसे ऊंचे बिन्दु पर होता है. यही वजह है कि धरती पर प्रकाश सबसे अधिक घंटों तक रहता है और रात छोटी होती है.अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया.योग का अर्थ ही है जोड़ना. शरीर को मन से, मन को आत्मा से और आत्मा को ब्रह्मांड से. जिस दिन सूरज आकाश में सबसे ऊंचाई पर हो, जिस दिन धरती पर प्रकाश सबसे अधिक हो उस दिन योग का उत्सव मनाना महज संयोग नहीं, यह एक गहरी सोच है. यानी 21 जून केवल एक तारीख नहीं यह आकाश, धरती और भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का मिलन बिंदु है, जिसे आज दुनियाभर में पूरे जोश के साथ मनाया गया है.सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था. उन्होंने 21 जून की तारीख सुझाई थी. इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा था कि यह साल का सबसे लंबा दिन है. दुनियाभर की संस्कृतियों में इस दिन का खास महत्व है.दुनिया के 177 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया. संयुक्त राष्ट्र (UN) के इतिहास में किसी भी प्रस्ताव को इतने देशों का समर्थन पहले कभी नहीं मिला था. 11 दिसंबर 2014 को UN ने आधिकारिक रूप से 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया
