GK:क्या आप जानते हैं भारत में बस सेवा कब शुरू हुई थी

02 मई/ DPH NEWS

भारत में अगर सबसे भरोसेमंद और लोगों के लिए सबसे व्यवस्थित यात्रा के साधन की बात करें, तो बसों का नाम सबसे पहले आता है. देश के हर कोने चाहे छोटे गांव हों या बड़े शहर बसें लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बनी हुई हैं. हर दिन करोड़ों यात्री इनसे सफर करते हैं, क्योंकि यह न सिर्फ किफायती हैं बल्कि आसानी से हर जगह उपलब्ध भी हैं. समय के साथ बस सेवाओं में जबरदस्त बदलाव आया है. पहले जहां साधारण बसें ही चलती थीं, वहीं आज लग्ज़री, एसी और प्रीमियम बसों ने सफर को और भी आरामदायक बना दिया है. हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की अपनी बस सेवा है, जो लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जोड़ने का काम करती है और देश की रफ्तार को बनाए रखती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस बड़े और जरूरी सिस्टम की शुरुआत आखिर कैसे हुई? भारत में पहली बस कब चली, कहां से इसकी शुरुआत हुई और उस समय लोगों का अनुभव कैसा था? यही वो दिलचस्प कहानी है, जो ना सिर्फ इतिहास से जुड़ी है बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे एक छोटी शुरुआत ने पूरे देश के सफर करने के तरीके को बदल दिया.आइए, हम आपको बसों के इस रोमांचक इतिहास से रूबरू कराते हैं।भारत में मोटर बस सेवा की शुरुआत साल 1912 में तमिलनाडु के मदुरै शहर से मानी जाती है. इस पहल को T. V. Sundaram Iyengar ने शुरू किया था, जो पहले लकड़ी के कारोबार से जुड़े हुए थे. बाद में उन्होंने प्रसिद्ध कंपनी TVS Group की नींव रखी. अपने सहयोगी खादर नवाज खान साहब के साथ मिलकर उन्होंने एक बस कंपनी की स्थापना की. शुरुआत में ये बसें मदुरै, तंजावुर और पुडुकोट्टई जैसे शहरों के बीच चलती थीं, जिससे लोगों को यात्रा का एक नया और तेज साधन मिला. उस समय बसों को समय पर चलाने के लिए खास इंतजाम किए जाते थे, जैसे पायलट गाड़ी का इस्तेमाल. लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाता था, और उन्हें खाने जैसी सुविधाएं भी दी जाती थीं. उस दौर में यह सेवा काफी आधुनिक मानी जाती थी और लोगों के लिए एक नया अनुभव थी, जिसने धीरे-धीरे यात्रा करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया।भारत में संगठित शहरी बस सेवा की शुरुआत महाराष्ट्र राज्य में हुई थी. उस समय मुंबई को बॉम्बे कहा जाता था, और यहीं पर शहर की पहली बस सेवा शुरू की गई थी. यह सेवा 15 जुलाई 1926 को शुरू हुई थी. उस समय इस बस सेवा को बृहनमुंबई इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) नाम से शुरू किया गया था. सपनों की नगरी वाले इस शहर में आज भी इस बस सेवा को देखा जा सकता है।मुंबई में उस समय पहली बस का संचालन कोलाबा के अफगान चर्च से लेकर क्रॉफोर्ड मार्केट तक किया गया था. जिसकी दूरी लगभग 4 से 5 किलोमीटर की है. शुरुआती तौर पर कंपनी द्वारा सिर्फ 24 बसें चलाई गई थीं. इन बसों में प्रति व्यक्ति किराया सिर्फ 4 आना यानी 25 पैसे हुआ करता था. सरकार और बीएमसी की अपील पर कंपनी ने 1934 को उत्तरी हिस्से में अपनी सेवा का विस्तार किया।जब देश में पहली बार बस सेवा शुरू हुई, तो लोग इसे तुरंत अपनाने में कतरा रहें थे. उस समय ट्राम और घोड़ा-गाड़ी ही आम सफर के साधन थे, इसलिए लोग उन्हीं पर ज्यादा भरोसा करते थे. नई बस सेवा उन्हें कुछ अजीब और अनजान लगती थी. लेकिन धीरे-धीरे लोगों ने बसों की तेज रफ्तार और सुविधा को समझा. जैसे-जैसे भरोसा बढ़ा, वैसे-वैसे बसों में यात्रियों की संख्या भी बढ़ने लगी. इसके बाद BEST ने बसों की संख्या में इजाफा किया और 1937 में डबल डेकर बसें भी शुरू कर दी गईं, जिससे यात्रा और भी आसान हो गई।

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