
चंडीगढ़/DPH NEWS
सार
कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। मोर्चा ने कहा कि पिछले 20 से 30 वर्षों से हजारों कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें अब तक नियमित नहीं किया गया है
विस्तार
चंडीगढ़ में अलग-अलग महकमों में काम कर रहे कच्चे मुलाजिमों ने चंडीगढ़ प्रशासन के खिलाफ नाराजगी दिखाई जानकारी अनुसार संयुक्त कर्मचारी मोर्चा यूटी एंड चंडीगढ़ ने प्रेसवार्ता कर डेलीवेज, कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। मोर्चा ने कहा कि पिछले 20 से 30 वर्षों से हजारों कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें अब तक नियमित नहीं किया गया है।कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि कई कर्मचारी स्वीकृत पदों (सैंक्शन पोस्ट) के खिलाफ काम कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें रेगुलर नहीं किया जा रहा। साथ ही “समान काम के लिए समान वेतन” का सिद्धांत भी लागू नहीं किया जा रहा है।मोर्चा के प्रतिनिधियों ने कहा कि
आउटसोर्स कर्मचारियों को बेसिक पे और डीए (महंगाई भत्ता) तक नहीं दिया जा रहा,
जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों की मांग है कि जिन कर्मियों को सेवा करते हुए 10 वर्ष पूरे हो चुके हैं, उन्हें तुरंत नियमित किया जाए।प्रेसवार्ता में यह भी कहा गया कि कई विभागों में लंबे समय से कर्मचारियों की प्रमोशन रुकी हुई है, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है। मोर्चा ने प्रशासन से जल्द पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।कर्मचारी संगठनों ने नई पेंशन योजना (NPS) को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना से वंचित कर दिया गया और एनपीएस केवल “लॉलीपॉप” साबित हुई है। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग दोहराई।इसके अलावा कर्मचारियों ने कहा कि
ईएसआई (ESI) जैसी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ भी उन्हें नहीं मिल रहा,
जिससे इलाज और अन्य सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी परेशानियां बनी हुई हैं।मोर्चा ने आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकारी मकान देने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि चंडीगढ़ में कई सरकारी मकान खाली पड़े हैं, लेकिन कर्मचारियों को आवास सुविधा नहीं दी जा रही।संयुक्त कर्मचारी मोर्चा के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो करीब 20 हजार कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारी बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे
