

08 जून/ DPH NEWS
सार
भारत में एक्सीडेंट से लगभग हर रोज मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है ऐसे में अगर कुछ ऐसा हो जाए जिससे वाहन खुद अपनी स्पीड को कंट्रोल करें और एक्सीडेंट से बचाए तो कैसा लगे जी हां, भारत में बहुत केजल्द लॉन्च होने वाला है यह सिस्टम , इतना ही नहीं यदि आप कार पार्क कर रहे हैं, तो पीछे टकराने से पहले खुद कार ब्रेक लगाकर रूक जाएगी। सड़कों की अधिकतम स्पीड के नियमों को भी गाड़ी खुद फॉलो करेगी।
विस्तार
भारत में एक्सीडेंट से लगभग हर रोज मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है ऐसे में अगर कुछ ऐसा हो जाए जिससे वाहन खुद अपनी स्पीड को कंट्रोल करें और एक्सीडेंट से बचाए तो कैसा लगे जी हां, भारत में बहुत केजल्द लॉन्च होने वाला है यह सिस्टम , इतना ही नहीं यदि आप कार पार्क कर रहे हैं, तो पीछे टकराने से पहले खुद कार ब्रेक लगाकर रूक जाएगी। सड़कों की अधिकतम स्पीड के नियमों को भी गाड़ी खुद फॉलो करेगी।
यह सिस्टम एक रोड पर नहीं, बल्कि देश के शहरों, नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और गांवों की सड़कों पर भी होगा।
दरअसल, अब देश में स्मार्ट एंड इंटलीजेंट ट्रांसपोर्ट के नए युग की शुरूआत होने जा रही है। ये सिस्टम इतना हाईटेक होगा कि गाड़ियों को सड़कों के किनारे, पैदल यात्री, रूट व टै्रफिक सिग्नल तक पता चल जाएंगेे।
जनवरी, 2026 में इसकी घोषणा के बाद अब केंद्र सरकार ने इसका पूरा रेग्युलेशन फ्रेमवर्क तैयार कर लिया है।
आगे सरकार एडवांस एआइ बेस्ड इंटेलीजेंस ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार करेगी। अगले साल इसका ट्रायल का लक्ष्य है, जबकि दो डेमो पहले ही हो चुके हैं। सरकार की योजना ट्रायल के बाद तीन चरण में इसे लागू करने की है। इसमें सबसे पहले चुनिंदा शहर, दूसरे चरण में नेशनल हाईवे और तीसरे चरण में स्टेट हाईवे, ग्रामीण सडक़ व बचे नेटवर्क पर इसे अपनाया जाना है। विजन-2030 के तहत इस पर काम हो रहा है। देश की सभी प्रमुख ऑटोमोबाइल एसोएिसशनों से भी सरकार की कई दौर की चर्चा इस पर हो चुकी है।
