भारत और ओमान के बीच होने वाले व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते से भारत को फायदा

न्यू दिल्ली/ DPH NEWS

सार

1 जून से लागू होने वाला समझौता द्विपक्षीय आर्थिक रिश्‍तों में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। दोनों देश सोमवार को औपचारिक रूप से इस फैसले की घोषणा करेंगे इस एग्रीमेंट के लागू होने से भारतीय वस्तुओं और सेवाओं को ओमान के बाजार में ज्‍यादा अवसर मिलेंगे।

विस्तार

भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) 1 जून से लागू होने वाला है। यह द्विपक्षीय आर्थिक रिश्‍तों में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। दोनों देश सोमवार को औपचारिक रूप से इस फैसले की घोषणा करेंगेइस एग्रीमेंट के लागू होने से भारतीय वस्तुओं और सेवाओं को ओमान के बाजार में ज्‍यादा अवसर मिलेंगे। साथ ही दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।

नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में लागू होने वाला यह पांचवां फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए)

इससे पहले भारत मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के साथ ऐसे समझौते लागू कर चुका है। इसके अलावा भारत ने ब्रिटेन और न्यूजीलैंड के साथ भी व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।आधुनिक व्यापार समझौतों में आमतौर पर लगभग 20 चैप्‍टर होते हैं। इनमें वस्तुओं के व्यापार, सेवाओं के व्यापार, निवेश, बौद्धिक संपदा अधिकार, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं और विवाद निपटान तंत्र से जुड़े व्यापक नियम शामिल होते हैं।इसी तरह के बाइलेट्रेल फ्रेमवर्क को व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता (CECA), व्यापक आर्थिक व्यापार समझौता (CETA) या आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (ECTA) भी कहा जाता है।आधुनिक व्यापार समझौतों में आमतौर पर लगभग 20 चैप्‍टर होते हैं। इनमें वस्तुओं के व्यापार, सेवाओं के व्यापार, निवेश, बौद्धिक संपदा अधिकार, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं और विवाद निपटान तंत्र से जुड़े व्यापक नियम शामिल होते हैं।समझौते के तहत भारत को ओमान के बाजार में 98.08 फीसदी टैरिफ लाइनों पर 100 फीसदी शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। कुल व्यापार मूल्य के यह 99.38 फीसदी हिस्से को कवर करती है। इससे भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता बढ़ेगी। साथ ही एक्‍सपोर्ट को नई रफ्तार मिलेगी।

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