

15 जून/ DPH NEWS
भारतीय जहाज में हमले दौरान तीन भारतीय हुऐ शहीद, 8 और 11 जून को भी हुआ था हमला
सार
अमेरिका द्वारा भारतीय जहाजों पर बार-बार हमला किए जा रहा है और भारत सरकार अभी तक हाथ पैर हाथ धरे बैठी है और मोदी डोनाल्ड ट्रंप को अपना मित्र बताते हैं यह बहुत ही एक बड़ा सवाल है। हमारे तीन नाविक शहीद हो गए हैं जिससे पूरी भारत देश में आक्रोश है।
भारत की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस और कूटनीतिक मामलों के जानकारों ने इसे भारत के लिए चेतावनी करार दिया है.
विस्तार
अमेरिका द्वारा भारतीय जहाजों पर बार-बार हमला किए जा रहा है और भारत सरकार अभी तक हाथ पैर हाथ धरे बैठी है और मोदी डोनाल्ड ट्रंप को अपना मित्र बताते हैं यह बहुत ही एक बड़ा सवाल है। हमारे तीन नाविक शहीद हो गए हैं जिससे पूरी भारत देश में आक्रोश है।नौ जून को अमेरिकी नेवी के हमले की पुष्टि खुद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने की थी, जिसके बाद भारत ने अमेरिका से विरोध दर्ज कराया और भारतीय विदेश मंत्री ने, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से इस पर बात की थी.जयशंकर ने कहा कि इस बातचीत में उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री से ‘कड़ा विरोध’ दर्ज कराया और कहा कि इस तरह का ‘घातक हमला उचित नहीं’ है.इसके बाद शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एस जयशंकर और रुबियो के बीच बातचीत का ब्योरा जारी किया. बयान के अनुसार, रुबियो ने कहा है कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल की अवैध ढुलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बयान जारी कर बताया, “विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कल भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात की. दोनों नेताओं ने होर्मुज़ स्ट्रेट में हाल की घटनाओं पर चर्चा की.”मार्को रुबियो की इस टिप्पणी पर भारत में कड़े सवाल पूछे जा रहे हैं और विपक्षी दलों और पूर्व राजनयिकों ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री ने खेद जताने की बजाय कड़ी भाषा का इस्तेमाल किया.दरअसल, 8 जून और 11 जून को भी खाड़ी क्षेत्र में भारतीय क्रू मेंबर्स वाले दो अन्य जहाज़ों पर हमला किया गया था, हालांकि उनमें किसी की मौत नहीं हुई और सभी नाविकों को बचा लिया गया. अमेरिकी सेना ने ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज़ ‘सेटेबेलो’ पर 9 जून को हमला किया था. इस जहाज़ पर 24 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से 21 को बचा लिया गया था, जबकि तीन नाविकों की मौत हो गई थी।
