अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों से निकलने वाले जहाजों पर पूरी तरह की नाकाबंदी,चीन के जहाज को होर्मुज से दो बार लौटाया

17 अप्रैल/ DPH News

अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों से निकलने वाले जहाजों पर पूरी तरह नाकाबंदी कर रखी है. नाकाबंदी ईरानी बंदरगाहों पर है लेकिन यूएई से निकले चीनी जहाजों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. पूरी तरह से लोडेड चीन के एक टैंकर को 48 घंटे में दो बार होर्मुज से वापस लौटना पड़ा है.चीन के जहाज का होर्मुज से दो बार लौटना दिखाता है कि वो रिस्क का आकलन कर रहा है. विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी देश के जहाजों को कोई विशेष छूट नहीं दी जा रही है.मिंगकुन टेक्नोलॉजी के डेटा के अनुसार, ‘रिच स्टार्री’ नाम का जहाज मंगलवार सुबह करीब 2 बजे होर्मुज स्ट्रेट पार कर ओमान की खाड़ी में पहुंचा. हालांकि, दोपहर करीब 3 बजे उसने यू-टर्न लिया और वापस उसी रास्ते से लौट गया. बुधवार शाम तक ये जहाज ईरान के लारक द्वीप के दक्षिण-पश्चिम में लंगर डाले खड़ा था.188 मीटर लंबा यह तेल और केमिकल टैंकर सोमवार को यूएई के शारजाह तट से रवाना हुआ था और स्ट्रेट की ओर बढ़ा था. लेकिन मरीनट्रैफिक के अनुसार, जैसे ही यह चोक पॉइंट के पास पहुंचा, कुछ ही मिनटों में वापस मुड़ गया.अमेरिकी प्रतिबंध झेल रहा जहाज अफ्रीकी देश मलावी के झंडा के तहत समंदर में चलता है लिए चलता है. बताया जा रहा है कि यह यूएई से लगभग 2.5 लाख बैरल मेथनॉल लेकर जा रहा था.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया के जरिए इस नाकाबंदी की घोषणा की थी, जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई.इसके बाद अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि यह नाकाबंदी सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू होगी, चाहे वे ईरानी बंदरगाहों या फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के तटीय इलाकों में एंट्री कर रहे हों या निकल रहे हों.समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, मंगलवार को कम से कम आठ जहाजों ने इस स्ट्रेट को पार करने की कोशिश की, जिनमें चीनी स्वामित्व वाला ये टैंकर भी शामिल था.2023 में अमेरिका ने ‘रिच स्टार्री’ को ब्लैकलिस्ट कर दिया था. उसका आरोप था कि यह जहाज ईरान को ऊर्जा बैन से बचा रहा है. चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी ने बताया कि दो अन्य जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार कर ईरानी जलक्षेत्र में प्रवेश कर गए. इनमें एक कच्चा तेल ले जाने वाला जहाज था, जिसकी क्षमता 20 लाख बैरल तक है और उस पर पहले अमेरिकी प्रतिबंध लग चुके थे, जबकि दूसरा खाद्य सामग्री से भरा बल्क कैरियर था. रिपोर्ट में कहा गया कि इन दोनों जहाजों को होर्मुज से गुजरने में किसी तरह की रुकावट का सामना नहीं करना पड़ा.

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