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पुलिस ने सेक्टर-2 पंचकूला के फर्स्ट फ्लोर पर चल रहे इस फेक कॉल सेंटर से 4 मेन आरोपियों समेत 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मेन आरोपियों को कोर्ट में पेश करके 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जांच के दौरान पता चला कि बड़ी संख्या में जवान लड़के-लड़कियां लैपटॉप, हेडसेट और इंटरनेट-बेस्ड सॉफ्टवेयर के जरिए विदेशी नागरिकों से बातचीत कर रहे थे।
पंचकूला/ DPH NEWS
विस्तार
पंचकूला पुलिस ने सेक्टर-2 पंचकूला के फर्स्ट फ्लोर पर चल रहे इस फेक कॉल सेंटर से 4 मेन आरोपियों समेत 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मेन आरोपियों को कोर्ट में पेश करके 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने सेक्टर-2 पंचकूला में एक फेक इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जो एक ई-कॉमर्स कंपनी का एम्प्लॉई बनकर अमेरिकी नागरिकों से ठगी करता था। जांच के दौरान पता चला कि
बड़ी संख्या में जवान लड़के-लड़कियां लैपटॉप, हेडसेट और इंटरनेट-बेस्ड सॉफ्टवेयर के जरिए विदेशी नागरिकों से बातचीत कर रहे थे।
आरोपी एक सॉफ्टवेयर के ज़रिए कॉल लेते थे और ई-कॉमर्स कंपनी (Amazon) के कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव बनकर लोगों को धोखा देते थे। इसके बाद, पीड़ितों की पर्सनल जानकारी हासिल की जाती थी और उनसे AnyDesk जैसे रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन डाउनलोड करवाए जाते थे। इसके ज़रिए, वे पीड़ितों के सिस्टम तक पहुँचते थे और उन्हें गिफ़्ट कार्ड खरीदने के लिए गुमराह करते थे। बाद में, उन गिफ़्ट कार्ड को अलग-अलग तरीकों से रिडीम किया जाता था और पैसे कमाए जाते थे। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने कहा,
पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 16 हेडसेट, 2 POS मशीन, 3 वॉकी-टॉकी सेट, 2 वाई-फ़ाई राउटर, एक नोट गिनने की मशीन, एक स्टाम्प, हार्ड क्रिप्टो वॉलेट, 11.30 लाख रुपये कैश, नकली विदेशी करेंसी, सोने के गहने, हीरे के टॉप्स, चेन,ब्रेसलेट
और दूसरे ज़रूरी डॉक्यूमेंट और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए हैं।”शुरुआती जाँच में यह भी पता चला है कि गैर-कानूनी कमाई हवाला नेटवर्क और क्रिप्टो चैनलों के ज़रिए अलग-अलग राज्यों में भेजी जा रही थी। इस केस में गिरफ्तार किए गए 21 आरोपियों में चार मुख्य आरोपी राज सिद्दीकी (कोलकाता/मोहाली), अक्षय उर्फ टिकू (दिल्ली/पंचकूला), नवदीप बेदी उर्फ राज बेदी (बटाला, पंजाब/पंचकूला) और अंकुर कपूर (पंचकूला) शामिल हैं, जिन्हें कोर्ट ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। ये सभी चंडीगढ़, मोहाली, पंजाब, बिहार, हरियाणा, दिल्ली, कोलकाता और दूसरे राज्यों के परमानेंट रहने वाले हैं और यहां कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करते थे। सभी 17 आरोपी बेल पर रिहा हो चुके हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गैंग अलग-अलग राज्यों के युवाओं को भर्ती करके और विदेशी नागरिकों को टारगेट करके ऑर्गनाइज्ड साइबर फ्रॉड कर रहा था। आरोपियों ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। जांच में हवाला नेटवर्क, क्रिप्टो ट्रांजैक्शन, विदेशी नागरिकों से ठगे गए पैसे के ट्रांसफर और दूसरे साथियों की भूमिका सामने आई है। पुलिस टीमें आरोपियों की जानकारी के आधार पर दूसरे राज्यों में भी रेड करने की तैयारी कर रही हैं। इस केस में और गिरफ्तारियां भी की जाएंगी।
