
चढ़ीगढ़/ DPH NEWS
चंडीगढ़ की बंद पड़ी और ‘सफेद हाथी’ साबित हो रही भूमिगत पार्किंग्स को ‘गोल्ड माइन’ में बदलने के लिए मेयर सौरभ जोशी ने एक अहम प्रस्ताव पेश किया है। मेयर ने चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि इन पार्किंग स्थलों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत व्यावसायिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए। इस योजना का मकसद नगर निगम के राजस्व में बढ़ोतरी करना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।मेयर जोशी ने शहर की उन चार प्रमुख साइट्स का जिक्र किया जो वर्तमान में उपेक्षित हैं। इनमें तीन पार्किंग सेक्टर-17 और एक सेक्टर-8 में स्थित है। मेयर का प्रस्ताव है कि इन स्थलों पर आधुनिक पार्किंग सुविधाओं के साथ-साथ कमर्शियल एक्टिविटीज शुरू की जाएं। इसके अलावा, उन्होंने एलांते मॉल की पार्किंग को भी इसी तर्ज पर विकसित करने की बात कही हैमेयर सौरभ जोशी का कहना है, “सार्वजनिक संपत्तियों को ताले में बंद और बेजान क्यों रखा जाए? अब समय आ गया है कि चंडीगढ़ के हर अप्रयुक्त स्थान को शहर के विकास के इंजन में बदला जाए। यह प्रस्ताव चंडीगढ़ को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।”अपने प्रस्ताव के पक्ष में मेयर ने पुरानी दिल्ली के सफल उदाहरण का हवाला दिया, जहां ओमेक्स लिमिटेड जैसे निजी भागीदारों के साथ मिलकर सार्वजनिक संपत्तियों का कायाकल्प किया गया। मेयर के अनुसार, पीपीपी मॉडल अपनाने से सरकारी खजाने के करोड़ों रुपये बचेंगे और निगम को स्थायी आमदनी होगी।
