
18 जून/ DPH NEWS
सार
भारत में बहुत सी नदियां बहती है और सभी नदियों का अपना-अपना इतिहास है ऐसी ही एक नदी के बारे में आज हम आपको बताते हैं जानकारी अनुसार तमिलनाडू, भारत के दक्षिणी हिस्से में मौजूद प्रमुख राज्यों में से एक है।
विस्तार
भारत में बहुत सी नदियां बहती है और सभी नदियों का अपना-अपना इतिहास है ऐसी ही एक नदी के बारे में आज हम आपको बताते हैं जानकारी अनुसार तमिलनाडू, भारत के दक्षिणी हिस्से में मौजूद प्रमुख राज्यों में से एक है। यह राज्य अपनी विविधतापूर्ण संस्कृति, अनूठी परंपराएं और मंदिरों के लिए जाना जाता है। इसके अतिरिक्त, यहां नदियों का भी अपना अपवाह तंत्र है। इस कड़ी में तमिलनाडू में विभिन्न नदियों का प्रवाह होता है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि तमिलनाडू की सबसे बड़ी नदी कौन-सी है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।तमिलनाडू की सबसे बड़ी नदी कावेरी नदी है। इसे दक्षिण भारत की गंगा के रूप में भी जाना जाता है। इसका इतिहास उठाकर देखें, तो प्राचीन तमिल साहित्य से लेकर आधुनिक समय तक यह तमिलनाडू की संस्कृति, कृषि, इतिहास और अर्थव्यवस्था को दर्शाती है। कावेरी नदी का उद्गम तमिलनाडू नहीं, बल्कि इसके पड़ोसी राज्य कर्नाटक के पश्चिमी घाट में स्थित कोडागु जिले में कूर्ग की तलकावेरी पहाड़ियों से होता है। यह जगह समुद्र तल से करीब 1,341 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।कावेरी नदी कर्नाटक में अपना सफर पूरा करने के बाद धर्मपुरी जिले के होगेनक्कल फॉल्स नामक जगह से तमिलनाडू में प्रवेश करती है। आपको बता दें कि इस वॉटर फॉल को अपनी खूबसूरती की वजह से ‘भारत का नियाग्रा फॉल्स’ भी कहा जाता है।कितनी लंबी है नदी कावेरी नदी की कुल लंबाई 800 किलोमीटर है। इसमें यह 416 किलोमीटर तमिलनाडू में कवर करती है। अंत में यह त्रिची के पास दो मुख्य शाखाओं में बंट जाती है, जो कि कोलिटम और कावेरी नाम से जानी जाती हैं। इसके बाद यह एक उपजाऊ डेल्टा का निर्माण करते हुए पुडुचेरी के पास बंगाल की खाड़ी में गिर जाती है।
