

श्री आनंदपुर साहिब/ DPH NEWS
सार
हिमाचल एंट्री टैक्स विवाद, जो लंबे समय से चल रहा है, अक्सर सोशल मीडिया पर देखा जा सकता है कि कैसे निहंग सिंह संगठन हिमाचल सरकार द्वारा लोगों से वसूले जा रहे अवैध टैक्स के विरोध में खालसा एंट्री टैक्स लगा रहे हैं।
विस्तार
हिमाचल एंट्री टैक्स विवाद, जो लंबे समय से चल रहा है, अक्सर सोशल मीडिया पर देखा जा सकता है कि कैसे निहंग सिंह संगठन हिमाचल सरकार द्वारा लोगों से वसूले जा रहे अवैध टैक्स के विरोध में खालसा एंट्री टैक्स लगा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, निहंग सिंह संगठनों ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न सीमावर्ती स्थानों पर वसूले जा रहे एंट्री टैक्स के विरोध में आर-पार के संघर्ष का ऐलान किया है। मिसल साहिबजादा बाबा जुझार सिंह जी (चमकौर साहिब) से जुड़े निहंग सिंहों ने चेतावनी दी है कि
अगर सरकारों ने तुरंत इस मुद्दे का कोई सार्थक समाधान नहीं निकाला तो वे ऐतिहासिक परंपरा के अनुसार 21 जून से कीरतपुर साहिब-मनाली मुख्य मार्ग पर फिर से ‘खालसा टैक्स’ लगाने को मजबूर होंगे।
आज यहां पत्रकारों से बात करते हुए संगठन के प्रतिनिधि महाकाल बाबा अच्छर सिंह ने कहा कि उन्हें लोकल एडमिनिस्ट्रेशन ने दोपहर 12 बजे मीटिंग के लिए बुलाया था, लेकिन काफी देर तक इंतज़ार करने के बाद भी कोई ज़िम्मेदार अधिकारी बातचीत के लिए मौके पर नहीं पहुंचा।
एडमिनिस्ट्रेशन के इस बर्ताव से नाराज़ निहंग सिंहों ने ऐलान किया कि अब वे किसी लोकल अधिकारी से सीधी मीटिंग नहीं करेंगे,
बल्कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान या कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस से करेंगे, क्योंकि यह इंटर-स्टेट मामला सरकार के सबसे ऊंचे लेवल पर ही हल हो सकता है। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लगाए गए इस टैक्स को ‘जज़िया’ और ‘गुंडा टैक्स’ बताते हुए निहंग सिंहों ने कहा कि इससे पंजाब और दूसरे राज्यों से जाने वाले श्रद्धालुओं और आम लोगों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने साफ़ किया कि उनके द्वारा लगाए जाने वाले प्रस्तावित ‘खालसा टैक्स’ के दौरान किसी भी राहगीर से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा, बल्कि लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार सेवा फंड में योगदान देंगे, जिसका इस्तेमाल ‘सबकी भलाई’ और जनकल्याण के कामों के लिए किया जाएगा। इस कदम को सिख इतिहास के महान सेनापतियों बाबा बोता सिंह और बाबा गरजा सिंह की परंपरा से जोड़ते हुए संगठन ने कहा कि अगर 21 जून तक टैक्स बंद नहीं किया गया तो कीरतपुर साहिब के पास NHAI टोल प्लाजा के पास अनिश्चित समय के लिए पक्का मोर्चा लगाया जाएगा। इस मौके पर निहंग सिंहों ने हथियार रखने के अपने संवैधानिक और धार्मिक अधिकार का हवाला देते हुए हिमाचल और उत्तराखंड सरकारों से अपील की कि वे किसी भी घटना की आड़ में सिख समुदाय को बेवजह निशाना न बनाएं।
