GK:क्या आप जानते हैं चीन का तंबाकू कौन खरीदता है सबसे ज्यादा

1 jun/ DPH NEWS

सार

चीन देश तम्बाकू से सिर्फ सिगरेट और सिगार ही नहीं बनाता. कीटनाशक से लेकर दवा तक तैयार करता है. चीन की इस सफलता के पीछे दशकों की सोची-समझी सरकारी नीति है. आज वर्ल्ड नो टोबैको डे है, इसी बहाने जानिए, चीन कैसे बना तम्बाकू का गढ़,

विस्तार

क्या आप जानते है चीन कैसे बना तम्बाकू का गढ़, कितने देश इससे तम्बाकू खरीद रहे और यह देश इससे क्या-क्या बनाता है?तम्बाकू दुनियाभर में कैंसर और दूसरी बीमारियों का कारण बन रहा है, लेकिन देश खूब इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. चीन तो तम्बाकू का गढ़ कहा जाता है. दुनियाभर में सबसे ज्यादा तम्बाकू यहीं उगता है. विश्व तंबाकू निषेध दिवस (31 मई) के बहाने आइए समझते हैं कि चीन कैसे तंबाकू का गढ़ बन गया?

कितने देश इससे तंबाकू खरीदते हैं?

चीन तंबाकू से क्या-क्या प्रोडक्ट बनाता है? तंबाकू उत्पादन करने वाले दुनिया के टॉप फाइव देश कौन हैं?चीन की इस सफलता के पीछे कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि दशकों की सोची-समझी सरकारी नीति है. साल 1980 के दशक में जब दुनिया के कई देश तम्बाकू पर प्रतिबंध लगा रहे थे, चीन ने इसे अपनी अर्थव्यवस्था का आधार बनाने का फैसला किया. चाइना नेशनल टोबैको कॉर्पोरेशन दुनिया की सबसे बड़ी तम्बाकू कंपनी है. यह सरकारी स्वामित्व वाली है, जिससे इसे असीमित फंडिंग और नीतियां बनाने की आजादी मिलती है. चीन में बड़े पैमाने पर खेती होती है. युन्नान जैसे प्रांत के किसान पूरी तरह तम्बाकू की खेती पर निर्भर हैं. यहां लाखों किसान आधुनिक तकनीक से खेती करते हैं. चीन ने ऐसी किस्में विकसित की हैं जो कम पानी में ज्यादा पैदावार देती हैं.दुनिया के कुल तम्बाकू उत्पादन का लगभग 35-40 फीसद हिस्सा अकेले चीन से आता है. इसका सालाना उत्पादन लगभग 21 से 24 लाख मीट्रिक टन है. चीन में हर मिनट लाखों सिगरेट के पैक तैयार किए जाते हैं.चीन का व्यापारिक नेटवर्क बहुत बड़ा है. चीन केवल कच्चा तम्बाकू नहीं बेचता, बल्कि वह प्रोसेस्ड टोबैको का भी मास्टर है. चीन दुनिया के लगभग 125 से अधिक देशों को किसी न किसी रूप में तम्बाकू उत्पाद निर्यात करता है. इसमें एशिया के पड़ोसी देशों से लेकर अफ्रीका के दूरदराज के इलाके शामिल हैं. अमेरिका मूल्य के आधार पर सबसे बड़ा खरीददार है. इंडोनेशिया वॉल्यूम के आधार पर बड़ा खरीदार है और वियतनाम लगातार बढ़ती मांग वाला पड़ोसी देश है.चीन तम्बाकू को जैव-संसाधन यानी बायो-रिसोर्स की तरह इस्तेमाल करता है.

यहां सिगरेट इंडस्ट्री चीन से आने वाली टोबैको लीफ पर बहुत अधिक निर्भर है.

जर्मनी और बेल्जियम जैसे देश अक्सर चीन से सेमी-प्रोसेस्ड तम्बाकू आयात करते हैं. चीन का वार्षिक तम्बाकू निर्यात करीब 9 से 10 अरब डॉलर के बीच रहता है. 60 फीसदी निर्यात कच्ची पत्ती के रूप में और 40 फीसदी तैयार उत्पाद सिगरेट या ई-सिगरेट के रूप में होता है.यह जानकर किसी को हैरानी हो सकती है कि व्यापारिक युद्धों के बावजूद अमेरिका चीन के तम्बाकू सेक्टर का एक बहुत बड़ा ग्राहक बना हुआ है. अमेरिका में उच्च गुणवत्ता वाली सिगरेट बनाने के लिए फिलर के तौर पर सस्ते लेकिन अच्छे प्रोसेस्ड तम्बाकू की जरूरत होती है, जो चीन बखूबी पूरा करता है. अमेरिका में बिकने वाली लगभग 80-90 फीसदी ई-सिगरेट और उनके पार्ट्स चीन के शेन्ज़ेन प्रांत में बनते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *