जीत के बाद मिठाइयां बांटने लगे सुवेंदुपुराना साथी बना सबसे बड़ा दुश्मन,सुवेंदु अधिकारी एक समय ममता बनर्जी के बेहद करीबी थे।

05 मई/ DPH NEWS
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में सबसे चर्चित मुकाबला भवानीपुर का आखिरकार तय हो गया। तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से हार गईं। भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें हराकर बड़ा उलटफेर किया है।शुरुआती राउंड में ममता थोड़ी आगे जरूर दिखी थीं, लेकिन जैसे-जैसे राउंड बढ़े, सुवेंदु की बढ़त मजबूत होती गई। आखिरी राउंड में कोई कमबैक नहीं हो सका।काउंटिंग सेंटर के बाहर टीएमसी कार्यकर्ताओं में सन्नाटा पसरा हुआ है। कई जगहों पर रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं भाजपा समर्थक जाम-जामकर जश्न मना रहे हैं। सुवेंदु के समर्थक ‘अबकी बार, सुवेंदु सरकार’ के नारे लगा रहे हैं।भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी उम्मीदवार ममता बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर विधानसभा सीट पर भारी जीत हासिल करने के बाद मिठाइयां बांटीं।सुवेंदु ने कहा- यह बहुत जरूरी था। ममता बनर्जी को हराना बेहद अहम था। यह ममता बनर्जी की राजनीति से विदाई है। इस बार भी, वह 15,000 से ज्यादा वोटों से हारीं। मुसलमानों ने खुलकर उन्हें वोट दिया। वार्ड नंबर 77 में, जितने भी मुसलमान वोट डालने निकले, उन सभी ने ममता को वोट दिया और हिंदुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों ने मुझे आशीर्वाद दिया और मुझे जीत दिलाई। यह जीत हिंदुत्व की जीत है।सुवेंदु अधिकारी एक समय ममता बनर्जी के बेहद करीबी थे। मंत्रिमंडल में भी रहे। ममता बनर्जी काउंटिंग के दौरान खुद सेंटर पर पहुंची थीं। आखिरी राउंड तक उनका चेहरा तनावग्रस्त नजर आ रहा था।हार के बाद उन्होंने अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन TMC सूत्रों का कहना है कि पार्टी कुछ सीटों पर री-काउंटिंग की मांग कर सकती है।भवानीपुर की हार टीएमसी के लिए सिर्फ एक सीट की हार नहीं है। पूरे राज्य में भाजपा भारी बढ़त बनाए हुए है और बहुमत के आंकड़े पार कर चुकी है।ममता की यह हार न सिर्फ व्यक्तिगत झटका है, बल्कि पूरे टीएमसी कैंप में भारी हताशा पैदा कर रही है। अभी यह साफ नहीं है कि ममता बनर्जी आगे क्या रणनीति अपनाएंगी, लेकिन भवानीपुर जैसी सीट गंवाने के बाद उनकी सियासी ताकत पर सवाल जरूर उठेंगे।
