
05 मई / DPH NEWS
भारत में कई छोटे-बडे़ पुल बने हुए हैं, जो अलग-अलग जगहों को आपस में जोड़ते हैं। कुछ पुल नदियों पर बनाए गए हैं, जो अपनी खास पहचान के लिए जाने जाते हैं। इन सभी पुलों में से एक पुल ऐसा है जो सिर्फ शहर या गांव ही नहीं बल्कि 2 राज्यों को जोड़ता है।नदी और इन पर बने पुलों से जुड़ी जानकारी UPSC सहित अन्य परीक्षाओं और इंटरव्यू के लिए जीके प्रश्नोत्तरी में आ महत्वपूर्ण हो सकती है। इसलिए इस आर्टिकल में आपको नदी पर बने सबसे बड़े पुल के बारे में बताएंगे, जिसे चीन की सेना की घुसपैठ के बाद डिजाइन किया गया था।नदी पर बने सबसे लंबे पुल की बात की जाए तो इसका नाम भूपेन हजारिका सेतु ( Bhupen Hazarika Setu ) है। यह लोहित नदी पर बना हुआ है, जोकि ब्रह्मपुत्र नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है। tinsukia.assam.gov.in के अनुसार, 9.15 किलोमीटर (5.69 मील) की लंबाई के साथ, यह भारत का पानी के ऊपर बना सबसे लंबा पुल है। यह देश में एक बड़ा बीम पुल के नाम से भी जाना जाता है।भूपेन हजारिका सेतु को दूसरे नाम से भी जाना जाता है। इसे ढोला-सादिया भी कहते हैं। यह पुल पूर्वोत्तर के 2 राज्यों- असम और अरुणाचल प्रदेश को जोड़ता है। यह दक्षिण में ढोला गांव (तिनसुकिया जिला) से लेकर उत्तर में सादिया तक फैला हुआ है। यह पुल उत्तरी असम और पूर्वी अरुणाचल प्रदेश के बीच पहला स्थायी सड़क संपर्क के तौर पर भी जाना जाता है।पुल के डिजाइन के पीछे की कहानी भी इतिहास समेटे हुए है। चीन की सेना की घुसपैठ के बाद भारत की रक्षा संपत्तियों की तेजी से आवाजाही को ध्यान में रखते हुए इस पुल को डिजाइन किया गया था। ढोला-सादिया पुल तकरीबन 60-टन (130,000-पाउंड) वजन वाले टैंकों का भार उठाने में सक्षम है। चीन-भारत युद्ध के बाद से यह पुल रक्षा दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है।
