पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में मिलेगी गर्मी से राहत, अगले 4 दिनों में बदले का मौसम का मिजाज

चंडीगढ़/ DPH NEWS

सार

इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने 18 जून से 22 जून के बीच इलाके में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान लगाया है। मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट के मुताबिक, नॉर्थवेस्ट इंडिया में एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव हो रहा है, जिससे इन राज्यों में मौसम बदल सकता है। IMD के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मीडियम बारिश होने की उम्मीद है।

विस्तार

पंजाब में लगातार गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को काफी परेशान कर रहा है। बिजनेस और काम-धंधे ठप हो गए हैं। चिलचिलाती गर्मी काम पर काफी असर डाल रही है और लोगों की सेहत पर भी असर डाल रही है। पंजाब और हरियाणा को जल्द ही गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लोगों को जल्द ही चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने 18 जून से 22 जून के बीच इलाके में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान लगाया है।

मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट के मुताबिक, नॉर्थवेस्ट इंडिया में एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव हो रहा है, जिससे इन राज्यों में मौसम बदल सकता है। IMD के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही, कुछ जगहों पर 40 से 50 kmph की स्पीड से तेज़ हवाएं चलने की भी उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस इलाके में मैक्सिमम टेम्परेचर में कोई खास बदलाव नहीं होगा। हालांकि, पंजाब में टेम्परेचर हरियाणा से थोड़ा ज़्यादा रह सकता है। राहत की बात यह है कि इस समय किसी भी इलाके में हीट वेव की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के डेटा के मुताबिक,पंजाब और हरियाणा के ज़्यादातर जिलों में 1 जून से 17 जून के बीच नॉर्मल से कम बारिश रिकॉर्ड की गई।पंजाब में बरनाला में 79 परसेंट और होशियारपुर में 62 परसेंट की कमी रिकॉर्ड की गई। संगरूर (-58%), रूपनगर (-53%), SAS नगर मोहाली (-48%), फतेहगढ़ साहिब (-46%), पटियाला (-42%), मानसा (-34%), पठानकोट (-34%), और कपूरथला (-21%) में भी नॉर्मल से कम बारिश हुई। हरियाणा में, अंबाला में सबसे ज़्यादा 66 परसेंट बारिश की कमी दर्ज की गई। यमुनानगर (-52%), कैथल (-47%), पंचकूला (-38%), रोहतक (-24%), और फरीदाबाद (-20%) में भी बारिश की कमी दर्ज की गई।चंडीगढ़ में 1 जून से 17 जून तक सिर्फ़ 35.3 mm बारिश दर्ज की गई, जो लंबे समय के औसत से लगभग 40 परसेंट कम है।मौसम विभाग का मानना है कि 18 से 22 जून तक बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा किया जा सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को मौसम की ताज़ा चेतावनियों और अपडेट पर नज़र रखने की सलाह दी है, खासकर उन इलाकों में जहाँ तेज़ हवाएँ और गरज के साथ बारिश की उम्मीद है।

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