
14 अप्रैल/ DPH News
हर दिन लाखों लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं। आजादी से पहले और आज तक का रेलवे का इतिहास देखा जाए तो बड़े और आधुनिक रेलवे स्टेशनों का महत्व बहुत ज्यादा है। जब बड़े रेलवे स्टेशन की बात हो तो आमतौर पर दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों के नाम दिमाग में आते हैं लेकिन सच्चाई इससे अलग है। भारत का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन अपने विशाल क्षेत्र, प्लेटफॉर्म की संख्या और 172 साल पुराना होने की वजह से ऐतिहासिक महत्व बनाए हुए है। इससे जुड़ी जानकारी जीके के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां जानें डिटेल में रेलवे अनुसार, भारत का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन दिल्ली या मुंबई में नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के हावड़ा में है। देश का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन हावड़ा जंक्शन को कहा जाता है। यह देश के सबसे पुराने और सबसे बड़े मौजूदा रेलवे स्टेशनों में से एक है।हावड़ा रेलवे स्टेशन पर प्लेटफाॅर्म की संख्या 23 है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में लगभग 16 प्लेटफॉर्म हैं जबकि मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) में करीब 18 प्लेटफॉर्म हैं।हावड़ा जंक्शन (Howrah Junction) को प्लेटफॉर्म की संख्या, यात्रियों की आवाजाही और परिचालन क्षमता के लिहाज से भी पहले स्थान पर माना जाता है। यह कई साल से विकसित होकर दुनिया के सबसे व्यस्त ट्रेन स्टेशनों में से एक बन गया है। यह स्टेशन पूर्वी रेलवे का मुख्य केंद्र है और कोलकाता को भारत के अन्य प्रमुख शहरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैहावड़ा जंक्शन सिर्फ एक रेलवे स्टेशन नहीं है बल्कि एक ऐतिहासिक धरोहर भी है। इसका निर्माण ब्रिटिश काल में हुआ था। इसका इतिहास 172 साल पुराना है क्योंकि 1854 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने इसकी स्थापना की थी। 15 अगस्त 1854 को इस स्टेशन से हावड़ा-हुगली मेन लाइन पर पहली यात्री ट्रेन चली थी, जिसने भारतीय रेलवे में एक नए युग की शुरुआत की थी। समय के साथ-साथ इसे आधुनिकता से जोड़ा गया है।हावड़ा स्टेशन पर रोजाना लगभग 450 लोकल और 100 से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनें संचालित होती हैं। इस स्टेशन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह हावड़ा ब्रिज (रवींद्र सेतु) के पास स्थित है, जो कोलकाता की पहचान है। हावड़ा जंक्शन से हर दिन लाखों यात्री गुजरते हैं, जिससे यह भारत के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में भी शामिल हो जाता है
