GK:जानिए; भारत में कौन सी मिठाई को कहा जाता है मिठाईयां का राजा

मैसूर पाक

15 अप्रैल/ DPH News

दुनिया में बहुत कम ऐसे देश हैं जहां मिठाइयों की इतनी वैरायटी है जितनी भारत में है. देश में जब भी मिठाइयों की चर्चा होती है तो यह गुलाब जामुन, रसगुल्ला और काजू कतली तक सीमित हो जाती है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि देश की एक ऐसी मिठाई भी है जिसे मिठाइयों का महाराजा कहा जाता है. यह अपने स्वाद, बनावट और ऐतिहासिक महत्व के कारण दिलों पर राज करती है. उस मिठाई का नाम है मैसूर पाकमैसूर पाक को मिठाइयों का महाराजा कहा जाता है. बेसन, शक्कर और घी से बनने वाली इस मिठाई का सम्बंध मैसूर के शाही किचन से रहा है. यही वजह है कि इसे मिठाइयों का महाराजा कहते हैं. अब इसे यह नाम मिलने के पीछे जो कहानी है उसे भी समझ लेते हैंमैसूर पाक की खासियत है कि यह मुंह में पहुंचते ही घुल जाती है. इसकी उत्पत्ति मैसूर में हुई थी. पहली बार इसे मैसूर राजवंश की शाही रसोई में बनाया गया. धीरे-धीरे पूरे हिन्दुस्तान में यह पॉपुलर हो गई है. इसे दिवाली और शादी समेत खास मौकों पर बनाया जाने लगा. लोगों को जैसे-जैसे स्वाद पसंद आता गया यह एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचती गई और पॉपुलर हो गई.मैसूर पाक को सबसे पहले वाडियार राजवंश के शासनकाल में शाही रसोई में तैयार किया गया. दावा किया जाता है कि राजवंश के एक रसोइए ने साधारण सी सामग्रियों का इस्तेमाल करके इस मिठाई को बनाया. इसे पूरे साम्राज्य में पसंद किया गया. कम सामान और कम समय में बनने वाली यह मिठाई दक्षिण में राज्यों में लोकप्रिय हो गई. नतीजा, मैसूर पाक आसानी से दुकानों में उपलब्ध होने लगा. यह मैसूर की शाही विरासत से जुड़ी सबसे प्रतिष्ठित मिठाइयों में से एक है.शाही रसोई का हिस्सा होने के कारण भी इसे काफी पॉपुलैरिटी मिली. यह उत्सवों का प्रतीक बन गया. आज भी कई लोग इस मिठाई को पारंपरिक शाही व्यंजनों से जोड़ते हैं. मैसूर पाक का ऐतिहासिक महत्व होने के कारण यह सिर्फ एक मिठाई नहीं रही यह लोगों को इतिहास की याद भी दिलाती है.मैसूर पाक बेसन, चीनी और घी से बनता है, फिर भी इसका स्वाद बहुत अलग और खास होता है. यह मिठाई न तो बहुत सख्त होती है और न ही बहुत नरम. यही वजह है कि इसे बनाने के दौरान तीनों चीजों का संतुलन बनाना बहुत जरूरी है.देश में मिठाई का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश माना जाता है, क्योंकि यहां मिठाई की दुकानों की संख्या बहुत अधिक है और पारंपरिक मिठाइयों का भारी मात्रा में उत्पादन होता है. आगरा और कानपुर जैसे शहर विशेष रूप से अपने बड़े मिठाई बाजारों और उत्पादन के लिए जाने जाते हैं. त्योहारों और उत्सवों के दौरान मिठाइयों की मांग पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर मिठाई उत्पादन में योगदान देती है.

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