GK:क्या आप जानते हैं एक इतना गरीब देश भी है जहां लोग खाते हैं मिट्टी की रोटियां

सार

दुनिया में कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जहां लोगों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना किसी जंग से कम नहीं है. वहां लोग पेट भरने के लिए वो चीजें खाने को मजबूर हैं, जिनके बारे में हम कल्पना भी नहीं कर

19 मई/ DPH NEWS

विस्तार

दुनिया में कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जहां लोगों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना किसी जंग से कम नहीं है. वहां लोग पेट भरने के लिए वो चीजें खाने को मजबूर हैं, जिनके बारे में हम कल्पना भी नहीं कर सकते. आज हम आपको एक ऐसे देश के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां गरीबी का आलम इतना भयानक है कि लोग मिट्टी से बनी रोटियां खाकर अपना पेट भरते हैं. यह सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन यह हकीकत है।दरअसल,हम जिस देश की बात कर रहे हैं उसका नाम हैती (Haiti) है. कैरेबियन सागर में स्थित यह देश दुनिया के सबसे गरीब देशों में गिना जाता है. यहां बड़ी संख्या में लोग गरीबी, भुखमरी, कुपोषण और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं. कहा जाता है कि हैती के कई इलाकों में लोगों के पास खाने के लिए जरूरी सामान तक उपलब्ध नहीं है. बेरोजगारी और महंगाई ने यहां के लोगों की जिंदगी को बेहद कठिन बना दिया है।हैती में हालात इतने खराब हैं कि कई गरीब परिवार गेहूं, चावल और दूसरी जरूरी खाद्य सामग्री खरीदने में सक्षम नहीं हैं. खाने की चीजों की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं और गरीब लोगों के लिए दो वक्त का भोजन जुटाना भी मुश्किल हो गया है. ऐसे में यहां के कुछ लोग मिट्टी से बनी रोटियां खाकर अपना पेट भरते हैं इन रोटियों को वहां “मड कुकीज(Mud Cookies)” भी कहा जाता है. इन्हें देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि गरीबी इंसान को किस हद तक मजबूर कर सकती है।हैती की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले कई परिवार दोपहर के भोजन में मिट्टी से बनी रोटियां खाते हैं. खासतौर पर Cite Soleil नाम के इलाके में रहने वाले लोग इस समस्या को सबसे ज्यादा झेल रहे हैं. यह इलाका बेहद गरीब और घनी आबादी वाला माना जाता है, जहां रहने वाले लोगों के पास पर्याप्त भोजन तक नहीं पहुंच पाता. मजबूरी में लोग मिट्टी से बनी इन रोटियों का सहारा लेते हैं।हैती के लोग पहाड़ी मिट्टी का इस्तेमाल करके ये रोटियां तैयार करते हैं. सबसे पहले मिट्टी में पानी और नमक मिलाकर एक गाढ़ा लेप बनाया जाता है. इसके बाद इसे हाथों से अच्छी तरह गूंथा जाता है और फिर रोटी या कुकी का आकार दिया जाता है. इसके बाद इन रोटियों को कई घंटों तक तेज धूप में सुखाया जाता है. सूखने के बाद लोग इन्हें खाने के लिए इस्तेमाल करते हैं. सबसे दुखद बात यह है कि मिट्टी से बनी ये रोटियां सिर्फ बड़े लोग ही नहीं बल्कि बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी खाती हैं. कई परिवारों के पास दूसरा कोई विकल्प नहीं बचता, इसलिए उन्हें मजबूरी में यही भोजन करना पड़ता हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *