ऑपरेशन ब्लू स्टार: घल्लूघारा दिवस की 42वीं सालगिरह पर हरिमंदिर साहिब में श्री अखंड पाठ शुरू

अमृतसर/DPH NEWS

सार

6 जून, 1984 को अमृतसर में हुए मिलिट्री हमले (ऑपरेशन ब्लू स्टार) की 42वीं बरसी आज मनाई जा रही है, शोमनी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अकाल घोषित किया है। ‘तख्त’ पर अखंड पाठ शुरू किया गया, जिसका भोग 6 जून को डाला जाएगा।

विस्तार

आज घल्लूघारा दिवस के तौर पर मनाया जा रहा है, 6 जून, 1984 को अमृतसर में हुए मिलिट्री हमले (ऑपरेशन ब्लू स्टार) की 42वीं बरसी आज मनाई जा रही है। शोमनी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने ‘अकाल तख्त’ पर अखंड पाठ शुरू किया, जिसका भोग 6 जून को डाला जाएगा। इस दौरान मिलिट्री हमले में हुई घटनाओं और शहीदों से जुड़ी एक फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई है। जबकि 6 जून को सेना के हमले में घायल हुए पवित्र स्वरूप के दर्शन श्रद्धालुओं को करने दिए जाएंगे। इस मौके पर शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने मीडिया से बात करते हुए जानकारी दी।घल्लूघारा दिवस के संबंध में

6 जून को भोग और शहीदों की याद में अरदास की गई।

उस समय की सरकार ने दरबार साहिब, अकाल तख्त और दूसरे गुरुद्वारों पर हमला करके भारी नुकसान पहुंचाया था। जिसमें हजारों बेगुनाह सिख मारे गए थे। उस समय संत जरनैल सिंह खालसा भिंडरा के नेतृत्व में कई सिख सरकार के इस हमले के खिलाफ थे। वे लड़ते हुए शहीद हो गए। उन्होंने कहा कि यह हमला सरकार पर एक दाग है और जब तक यह रहेगी, यह ऐसे ही रहेगी। इस संबंध में गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल के बाहर एक फोटो प्रदर्शनी लगाई गई है।

6 जून को संगत के दर्शन के लिए पवित्र स्वरूप भी लाया जाएगा।

प्रदर्शनी का मकसद समाज और खासकर युवाओं को जून 1984 में तत्कालीन सरकार द्वारा आयोजित ‘सिख समुदाय’ के बारे में जागरूक करना था। हमले के बारे में जानकारी देना था।सुरक्षा और पुलिस प्रशासन के कड़े इंतजाम किए गए थेइस मौके पर तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह, अकाल तख्त के हेड ग्रंथी ज्ञानी गुरमुख सिंह, एडिशनल हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह, शोमनी कमेटी के सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल मौजूद थे। गौरतलब है कि पुलिस प्रशासन ने दरबार साहिब के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

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