

समाना/ DPH NEWS
पटियाला ज़िले के समाना के खेरी नागियां गांव के गुरजीत सिंह के हैं.43 साल की उम्र के गुरजीत सिंह 12 अक्तूबर, 2024 से समाना शहर के बीच लगे एक मोबाइल फ़ोन टावर पर बैठे थे. उन्हें शुक्रवार 24 अप्रैल को सुबह लगभग 7.45 बजे टावर से नीचे उतारा गया. वह ‘बेअदबी की घटनाओं’ से सख़्ती से निपटने के लिए एक सख़्त क़ानून की मांग कर रहे थे.एक दिन पहले उन्होंने कहा था, “12 अक्तूबर, 2024 से 23 अप्रैल, 2026 तक, मुझे भीषण गर्मी, बारिश, हवा, कड़ाके की ठंड और अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. लेकिन आज मुझे ख़ुशी है कि मेरी मांग स्वीकार कर ली गई है.”जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026′ को पंजाब विधानसभा में 13 अप्रैल, 2026 को पारित किया गया और 17 अप्रैल को राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद यह क़ानून बन गया.हालांकि, इस अधिनियम को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है. चुनौती याचिका में कहा गया है कि नया क़ानून धर्मनिरपेक्षता और अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है.गुरजीत सिंह को टावर से उतारने का काम पटियाला प्रशासन, नागरिक सुरक्षा और भारतीय सेना ने संयुक्त अभियान चलाकर किया.
