इथेनॉल मिला पेट्रोल कुछ हद तक माइलेज कम कर सकता है, लेकिन कोई नुकसान नहीं: केंद्र सरकार

दिल्ली / DPH NEWS

सार

देशभर में E20 इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लाने से जुड़ी चिंताओं के बीच, केंद्र सरकार और बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि यह फ्यूल कुछ हद तक माइलेज ज़रूर कम कर सकता है, लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि यह पुराने मॉडल की गाड़ियों समेत दूसरी गाड़ियों के इंजन के लिए नुकसानदायक है

विस्तार

देशभर में सोशल मीडिया पर पेट्रोल में मिलावट की खबरें वायरल हो रही हैं। लोगों में डर का माहौल है कि इथेनॉल से लोगों की महंगी कारों के इंजन खराब हो जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, देशभर में E20 इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लाने से जुड़ी चिंताओं के बीच, केंद्र सरकार और बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि यह फ्यूल कुछ हद तक माइलेज ज़रूर कम कर सकता है, लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि यह पुराने मॉडल की गाड़ियों समेत दूसरी गाड़ियों के इंजन के लिए नुकसानदायक है। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस, हैवी इंडस्ट्रीज़ और रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मंत्रालयों ने बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ मिलकर लोगों के डर को दूर करने की कोशिश की है। उन्होंने दावा किया कि E20 को देशभर में लाने से पहले कई साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट किए गए थे। भारत की सबसे बड़ी कार बनाने वाली कंपनी मारुति सुजुकी ने कहा कि बड़े पैमाने पर फील्ड डेटा से पता चलता है कि E20 से जुड़ी कोई इंजन प्रॉब्लम नहीं है, यहां तक कि उन गाड़ियों में भी जो असल में इस फ्यूल के लिए सर्टिफाइड नहीं हैं। कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (कॉर्पोरेट अफेयर्स) राहुल भारती ने कहा कि उन्होंने 2025-26 के दौरान 2.84 करोड़ गाड़ियों की सर्विस की है। इनमें से 1.5 करोड़ से ज़्यादा गाड़ियां तीन साल पुरानी थीं और E20 सर्टिफाइड नहीं थीं। उन्होंने कहा, “E20 की वजह से पार्ट्स में जंग लगने, टूटने या उनकी लाइफ कम होने का कोई मामला सामने नहीं आया है।” भारती ने दावा किया कि E20 पेट्रोल की कैलोरिफिक वैल्यू E10 से कम है, जिसकी वजह से 20 kmph की एवरेज स्पीड वाली गाड़ी को लगभग 0.6 km प्रति लीटर या 3 से 3.5 परसेंट कम माइलेज मिलता है। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर्स के कंट्री हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट विक्रम गुलाटी ने कहा कि E20 को बड़े ट्रायल के बाद लॉन्च किया गया है। इथेनॉल एक ‘क्लीन और हाई-परफॉर्मेंस फ्यूल’ है और इसका इस्तेमाल दशकों से मोटरस्पोर्ट्स समेत दुनिया भर में किया जा रहा है। इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड की पूर्व CMD वर्तिका शुक्ला ने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम साइंटिफिक सबूतों पर आधारित है। हीरो मोटोकॉर्प के चीफ बिजनेस ऑफिसर आशुतोष वर्मा ने कहा कि उन्हें अब तक E20 फ्यूल की वजह से गाड़ी के नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। लेकिन पार मैकेनिक्स का दावा है कि इस ब्लेंड से लोगों की गाड़ियों को गंभीर नुकसान होगा।

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