

जिनपिंग ने पाकिस्तान संग दोस्ती को बताया अटूट, चीन फिर मिल रहा है पाकिस्तान के सुर से सुर
27 मई/DPH NEWS
सार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर चीन पहुंचे हुए हैं। चीन की तरफ से यह बयान इन नेताओं के साथ बैठक के बाद ही आया है।शहबाज शरीफ की बीजिंग यात्रा के दौरान जारी एक संयुक्त बयान में चीन ने फिर से पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते हुए कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के तहत सुलझाने की बात कही है।
विस्तार
हाल ही में चीन ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर टिप्पणी की है। जाहिर है यह बयान सीधे तौर पर भारत की संप्रभुता से जुड़ा है और चीन भारत को उकसाने की कोशिश कर रहा है। दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर चीन पहुंचे हुए हैं। चीन की तरफ से यह बयान इन नेताओं के साथ बैठक के बाद ही आया है।शहबाज शरीफ की बीजिंग यात्रा के दौरान जारी एक संयुक्त बयान में चीन ने फिर से पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते हुए कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के तहत सुलझाने की बात कही है।
बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में हुई हाई-लेवल बैठक के बाद चीन और पाकिस्तान ने एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया है।
इसमें दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सुरक्षा परिषद के पुराने प्रस्तावों का हवाला देते हुए कश्मीर विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की है।चीन और पाक के इस बयान साझा बयान में ना सिर्फ कश्मीर का जिक्र है, बल्कि और भी कई मुद्दों के जरिए भारत को उकसाने की सीधी कोशिश की गई है। इसमें चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे यानी CPEC का भी जिक्र है। CPEC का मुख्य मार्ग गिलगित-बाल्टिस्तान (PoK) से होकर गुजरता है, जो भारत का अभिन्न हिस्सा है। वहीं इस प्रोजेक्ट के तहत चीन पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को भी विकसित कर रहा है। इससे चीन को हिंद महासागर और अरब सागर में सीधी और परमानेंट एंट्री मिल सकती है, जो भारत की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी। इस दौरान जिनपिंग ने चीन और पाकिस्तान के बीच ‘अटूट’ दोस्ती की तारीफ की। जिनपिंग ने कहा कि पाकिस्तान ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए मध्यस्थता की भूमिका निभाने की जो पहल की है, वह सराहनीय है। डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक शरीफ संग बैठक के दौरान, शी जिनपिंग ने उन्हें अपना ‘पुराना दोस्त’ भी बताया और कहा कि दोनों देशों ने दशकों से एक-दूसरे को समझा, भरोसा किया और समर्थन दिया है। वहीं शहबाज शरीफ ने अमेरिका-ईरान के युद्ध में पाकिस्तान की मध्यस्थता का समर्थन करने के लिए चीन का शुक्रिया अदा किया
