GK:क्या आपने कभी देखा है ऐसा एयरपोर्ट जहां कंक्रीट, तारकोल और डामर से बने मजबूत रनवे नहीं बल्कि रेतीला समुद्र तट ही करता हैं रनवे का काम

16 जुलाई/ DPH NEWS

सार

स्कॉटलैंड के सुदूर इलाके में बसा एक ऐसा ही एयरपोर्ट आज दुनियाभर के सैलानियों के लिए रोमांच का केंद्र है. लेकिन क्या आपको पता है कि यह दुनिया की ऐसी इकलौती जगह है जहां कंक्रीट की मजबूत सड़कों के बजाय समंदर की गीली रेत पर हवाई जस्कॉटलैंड के खूबसूरत बारा आईलैंड पर बना बारा एयरपोर्ट अपनी अनोखी भौगोलिक बनावट के कारण दुनिया भर में मशहूर है.

विस्तार

स्कॉटलैंड के सुदूर इलाके में बसा एक ऐसा ही एयरपोर्ट आज दुनियाभर के सैलानियों के लिए रोमांच का केंद्र है. लेकिन क्या आपको पता है कि यह दुनिया की ऐसी इकलौती जगह है जहां कंक्रीट की मजबूत सड़कों के बजाय समंदर की गीली रेत पर हवाई जस्कॉटलैंड के खूबसूरत बारा आईलैंड पर बना बारा एयरपोर्ट अपनी अनोखी भौगोलिक बनावट के कारण दुनिया भर में मशहूर है.

जहां आम तौर पर हवाईअड्डे कंक्रीट, तारकोल और डामर से बने मजबूत रनवे पर टिके होते हैं, वहीं इस आइलैंड पर ट्रैघ म्होर नाम का रेतीला समुद्र तट ही रनवे का काम करता है.

यह दुनिया का इकलौता ऐसा कमर्शियल एयरपोर्ट है जहां रोजाना नियमित यात्री विमान समंदर की रेत पर लैंड करते हैं और यहीं से अपनी अगली उड़ान भरते हैं.हाज उतरते हैं और यहां उड़ानों का समय समंदर की लहरें तय करती हैं. इस एयरपोर्ट की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यहां विमानों के आने-जाने का समय समंदर में उठने वाले ज्वार-भाटा पर निर्भर करता है. जब भी समंदर में हाई टाइड यानी ऊंचा ज्वार आता है, तो पूरा रनवे पानी की चपेट ममें आकर पूरी तरह से डूब जाता है. इस वजह से यहां केवल लो टाइड यानी जब पानी पीछे हट जाता है, तभी विमानों को उतारना संभव हो पाता है.

पानी की लहरों के उतार-चढ़ाव को देखकर ही यहां की फ्लाइट्स का शेड्यूल हर रोज बदल जाता है.जब इस अनोखे हवाईअड्डे पर उड़ानों का समय नहीं होता

या उड़ानों की आवाजाही बंद रहती है, तब यह रनवे पूरी तरह से एक आम समुद्री बीच में तब्दील हो जाता है. इस दौरान स्थानीय लोग और वहां आने वाले सैलानी बेझिझक इस रेतीले रनवे पर टहल सकते, शंख-सीपियां बीन सकते हैं और समुद्र किनारे सैर का लुत्फ उठा सकते हैं. दुनिया का शायद ही कोई ऐसा दूसरा ऐसा कमर्शियल एयरपोर्ट होता जहां सुरक्षा घेरे के बिना आम जनता को रनवे पर घूमने की इतनी खुली आजादी मिलती है.चूंकि इस प्राकृतिक हवाईअड्डे पर कोई आधुनिक लाइटें या फिर पक्के सिग्नल नहीं हैं, इसलिए विमानों के पायलटों की मदद के लिए बेहद अनूठा और देसी तरीका अपनाया गया है. समुद्र तट पर खास दूरी पर बड़े-बड़े लकड़ी के डंडे गाड़े गए हैं, जो पानी के बीच रनवे की सटीक सीमा और दिशा दर्शाते हैं. इन्हीं डंडों के सहारे पायलटों को पता चलता है कि उनको विमान को किस हिस्से में और किस दिशा से सुरक्षित तरीके से लैंड कराना है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *