GK:आईए जानते हैं, कटिंग करवाते समय क्यों आती है नींद?

सार

हर कोई इंसान बाल कटवाने के लिए नई की दुकान पर जाता है क्या कभी उसने सोचा है कि बाल कटवाते कटवाते नींद आने लगती है इसके पीछे की क्या साइंस है आईए जानते हैं

विस्तार

हर कोई इंसान बाल कटवाने के लिए नई की दुकान पर जाता है क्या कभी उसने सोचा है कि बाल कटवाते कटवाते नींद आने लगती है इसके पीछे की क्या साइंस है आईए जानते हैंबालों को कटवाना एक सामान्य सी प्रक्रिया है, लेकिन क्या आपको भी बाल कटवाने के दौरान नींद आने लगती है.

सोशल मीडिया पर अक्सर यह टॉपिक बहस का विषय बनता है.

इसको लेकर अलग-अलग जवाब दिए जाते हैं, लेकिन इसके पीछे भी पूरा विज्ञान है जो हेयर कटिंग के दौरान नींद आने का कारण बनता है. अब सवाल है कि ऐसा क्यों होता है,इंसान के बाल जिस स्कैल्प से जुड़े हैं वो काफी सेंसिटिव होती है. यहां पर हाथ लगे या कंघा, तुरंत असर होता है. स्कैल्प में तंत्रिकाओं (नर्व्स) का पूरा जाल होता है. जब इसे कोई हल्के हाथ से छूता है तो रिलैक्स महसूस होता है और यहां असर होने लगता है. इसके साथ शरीर में कई परिवर्तन होते हैं जो नींद आने की वजह बनते हैं.स्कैल्प पर कैंची का मूवमेंट हो या कंघे का, यह सिर को रिलैक्स करने का काम करता है. जब आप ऐसा महसूस करते हैं तो बॉडी में अच्छे हॉर्मोन्स का सर्कुलेशन बढ़ता है.स्कैल्प की मालिश या यहां हाथों का मूवमेंट होने पर दिमाग डोपामाइन, सेरोटोनिन और ऑक्सीटोसिन जैसे रसायन छोड़ता है जो मूड बेहतर करते हैं. इसके साथ ही स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर घटाते हैं.यानी आसान भाषा में समझें तो बाल को कटवाने के लिए जब इनकी लम्बाई कम होती है तो दिमाग खुशी के रसायनों से भर जाता है और रिलैक्स महसूस करने पर नींद आने लगती है.इंसान के शरीर में दो तरह के तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) होते हैं. एक नर्वस सिस्टम खतरे की स्थिति में भागने या लड़ने की स्थिति के लिए तैयार रहता है. वहीं, दूसरा सिस्टम आराम और पाचन की अवस्था के लिए काम करता है. इसे पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम कहते हैं. जब नाई के हाथों का मूवमेंट इस नर्वस सिस्टम को एक्टिव करता है तो यह रेस्ट ओर डाइजेस्ट मोड में चला जाता है. दिल की धड़कन थोड़ी धीमी हो जाती है. मांसपेशियां ढीली होने लगती है और नींद का अहसास होने लगता है.यही नहीं, सकारात्मक स्पर्श ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन को रिलीज करता है. यह सीधेतौर पर नींद नहीं लाता है, लेकिन शरीर में ऐसी स्थिति जरूर पैदा करता है जो नींद लाने का काम करती है.नींद आना इस बात का सबूत है कि आप जिस माहौल में हैं वहां पूरी तरह सुरक्षित हैं और कंफर्टेबल महसूस कर रहे हैं. यह कमजोरी नहीं, शरीर में होने वाली स्वाभाविक प्रक्रिया है. इसलिए अगली बार जब आपके साथ ऐसा हो तो इसका मतलब शरीर में कोई कमजोरी या नकारात्मक बदलाव नहीं, यह ऐसी प्रक्रिया है जो आपके दिमाग और शरीर को एक तरह की मुफ्त थैरेपी दे रही है. यही वजह है कि बाल को कटवाने के बाद सिर का मसाज नींद आने की स्थिति को और बढ़ाने का काम करता है. अगली बार जब बाल कटवाएं तो खुद एक बार यह महसूस करके देखें तो अंतर समझ पाएंगे.

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