जीके: जानिए, देश के कितने राज्यों में नॉन वेज पर नहीं है कोई रोक

24 अप्रैल/ DPH News

पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान मछली खाने को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. इस विवाद में बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का एक वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है.रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान अनुराग ठाकुर को मछली और चावल खाते हुए देखा गया. इसी बीच कई लोगों ने इस वीडियो को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाए कि धार्मिक भावनाओं और प्रतीकों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदों के लिए किया जा रहा है. साथ ही इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भारत में मछली और नॉनवेज खाने को लेकर वास्तविक स्थिति क्या है और कौन से राज्यों में लोग इसे ज्यादा खाते हैं. तो आइए जानते हैं कि देश के कितने राज्यों में हर धर्म के लोग मछली खाते हैं. भारत में मछली खाने वाले लोगों की संख्या काफी बड़ी है. एक अध्ययन के अनुसार देश की लगभग 72 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में मछली का सेवन करती है, जो संख्या के हिसाब से करीब 96 करोड़ से भी ज्यादा लोग बनते हैं. यह आंकड़ा दिखाता है कि भारत में मछली सिर्फ कुछ खास राज्यों या समुदायों तक सीमित खाना नहीं है, बल्कि देश के बड़े हिस्से में लोग इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाते है।भारत के कई राज्यों में हर धर्म के लोग मछली खाते हैं, खासकर उन इलाकों में जहां यह खाना संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है. पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत जैसे त्रिपुरा, असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में मछली बहुत आम खाना है और यहां हिंदू, मुस्लिम और अन्य सभी समुदायों में इसका सेवन देखा जाता है. दक्षिण भारत में केरल, तमिलनाडु और गोवा जैसे राज्यों में भी मछली खाने का अहम हिस्सा है और यहां भी अलग-अलग धर्मों के लोग इसे खाते हैं. वहीं उत्तर और पश्चिम भारत जैसे पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में मछली खाने वालों की संख्या कम है फिर भी यहां भी कुछ समुदाय और लोग मछली खाते हैंभारत में मछली खाने की आदतें अलग-अलग राज्यों में बहुत अलग दिखती हैं.जहां समुद्र, नदियां और जल स्रोत ज्यादा है, जैसे पश्चिम बंगाल, केरल और पूर्वोत्तर राज्य, वहां मछली आसानी से और ज्यादा मात्रा में मिलती है, इसलिए लोग इसे अपने रोज के खाने में शामिल करते हैं. वहीं दूसरी वजह संस्कृति और परंपरा है, क्योंकि कई राज्यों जैसे बंगाल, असम और केरल में मछली खाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है और यह उनकी खाने की संस्कृति का अहम हिस्सा है, जबकि उत्तर भारत के कुछ राज्यों में शाकाहारी खाने को ज्यादा महत्व दिया जाता है. साथ ही मछली कई जगहों पर प्रोटीन का सस्ता और आसानी से मिलने वाला स्रोत है.

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