
चंडीगढ़/ DPH NEWS
सार
गुरुग्राम की रियल एस्टेट कंपनी मेसर्स हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (HSRL) और उससे जुड़ी कंपनियों और लोगों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में 55.57 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति को प्रोविजनल तौर पर अटैच किया है
विस्तार
(ED) ने गुरुग्राम की रियल एस्टेट कंपनी मेसर्स हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (HSRL) और उससे जुड़ी कंपनियों और लोगों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में 55.57 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति को प्रोविजनल तौर पर अटैच किया है। HSRL को पहले मेसर्स रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के नाम से जाना जाता था।जब्त की गई संपत्तियों में लुधियाना, गुरुग्राम और चंडीगढ़ में बैंक अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), जमीन, कमर्शियल बिल्डिंग (ऑफिस/दुकानें) और रेजिडेंशियल अपार्टमेंट (फ्लैट) शामिल हैं। ये संपत्तियां HSRL कंपनी, इसके पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव अरोड़ा, उनके परिवार के सदस्यों और दूसरी संबंधित कंपनियों के नाम पर हैं।ED के मुताबिक, यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है। जांच गुरुग्राम के उद्योग विहार पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर शुरू की गई थी। ED के मुताबिक, जांच में पता चला है कि HSRL, जो मुख्य रूप से रियल एस्टेट का काम करती है, ने साल 2023-24 के दौरान UAE की दो कंपनियों को करीब 157 करोड़ रुपये के मोबाइल फोन की नकली एक्सपोर्ट बिक्री दिखाई थी। इन कंपनियों के नाम M/s Fortbell Telecom FZCO और M/s Dragon Global FZCO हैं।ED ने आरोप लगाया है कि मोबाइल फोन लोकल सप्लायर फर्मों से खरीदे गए थे, लेकिन कथित एक्सपोर्ट के बदले असल में कोई सामान नहीं भेजा गया। इसके बजाय, कंपनी ने कथित तौर पर नकली इनवॉइस बनाने और ‘अकॉमोडेशन एंट्री’ (नकली एंट्री) दिखाने के लिए शेल कंपनियों (कागज़ी कंपनियों) या अपने नेटवर्क का इस्तेमाल किया, जो असल में थीं ही नहीं, साथ ही मोबाइल नंबर और ईमेल ID भी शेयर किए।गौरतलब है कि पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को 9 मई, 2026 को गिरफ्तार किया गया था और वह अभी न्यायिक हिरासत में हैं।
