

महिला सुरक्षा टेस्ट लेने के लिए आधी रात 2 से 3 बजे के बीच, सड़कों पर निकली बी सुमति
08 मई/ DPH NEWS
आजकल भारत में महिला कितनी सेफ है यह जानने के लिए उन्होंने खुद को अकेली यात्री बनाकर अंडरकवर ऑपरेशन किया। बस स्टॉप पर खड़े होते ही कुछ ही मिनटों में उनके आसपास संदिग्ध लोग जुटने लगे और बदतमीजी शुरू हो गई। जो कुछ उन्होंने उस रात देखा, वो बेहद चौंकाने वाला था। कमिश्नर सुमति के इस साहसिक कदम के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और मात्र कुछ ही घंटों में 40 लोगों को हिरासत में ले लिया गया।आधी रात 2 से 3 बजे के बीच, सुमति बिना किसी सुरक्षा के दिलसुखनगर बस स्टॉप पर अकेली खड़ी थीं। उन्होंने ऐसा दिखाया जैसे वह बस का इंतजार कर रही हों। तभी कुछ लोगों ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। कुछ बाइक सवार उनके पास आकर गंदे कमेंट करने लगे, तो कुछ लोग उनके आसपास घूमते हुए अजीब और गलत सवाल पूछने लगे।लेकिन उन लोगों को यह पता नहीं था कि पुलिस की टीमें आसपास मौजूद थीं। SI और इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी दूर से पूरे ऑपरेशन पर नजर रख रहे थे और जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद के लिए तैयार थे। इस कार्रवाई के दौरान करीब 40 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि इन लोगों की काउंसलिंग कर उन्हें सुधारने की कोशिश की जाएगी।यह कोई दिखावे के लिए किया गया ऑपरेशन नहीं था। दिलसुखनगर इलाके में रात के समय महिलाओं से छेड़छाड़ की कई शिकायतें मिल रही थीं। खासकर हॉस्टल के आसपास देर रात आने-जाने वाली महिलाएं नशे में घूम रहे लोगों का शिकार बन रही थीं।1 मई को मलकाजगिरी कमिश्नर का पद संभालने के बाद सुमति ने इस समस्या को गंभीरता से लिया। सिर्फ शिकायतों पर भरोसा करने के बजाय उन्होंने खुद मैदान में उतरकर हालात समझने का फैसला किया। उन्होंने एक आम महिला यात्री बनकर यह जानने की कोशिश की कि इलाके में महिलाओं को किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है।सुमति पहले करीमनगर में DSP रह चुकी हैं और वहां भी उन्होंने ऐसे कई ऑपरेशन चलाए थे, जिनकी लोगों ने काफी सराहना की थी। अब IG रैंक की अधिकारी और कमिश्नर बनने के बाद भी उन्होंने खुद मोर्चा संभाला, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है। कई लोग उन्हें ‘लेडी सिंघम’ कहकर उनकी बहादुरी और सख्त पुलिसिंग स्टाइल की तारीफ कर रहे हैं।
