
15 जुलाई/ DPH NEWS
सार
आजकल E20 तेल जो की काफी चर्चा में है E 20 तेल को लेकर लोगों में अलग-अलग विचारधई हैं लेकिन देखा जाए तो अगर गाड़ी E 10 है तो उसमें E20 तेल कैसे डलवा सकते हैं। देश के कई हिस्सों में तो E20 तेल के खिलाफ रोज प्रदर्शन भी किया जा रहा है वहीं कुछ मैकेनिक को का भी कहना है कि इससे गाड़ी का इंजन खराब हो जाता है इसी बीच नितिन गडकरी ट्रांसपोर्ट मंत्री ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा एथेनॉल मिले पेट्रोल को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
विस्तार
आजकल E20 तेल जो की काफी चर्चा में है E 20 तेल को लेकर लोगों में अलग-अलग विचारधई हैं लेकिन देखा जाए तो अगर गाड़ी E 10 है तो उसमें E20 तेल कैसे डलवा सकते हैं। देश के कई हिस्सों में तो E20 तेल के खिलाफ रोज प्रदर्शन भी किया जा रहा है वहीं कुछ मैकेनिक को का भी कहना है कि इससे गाड़ी का इंजन खराब हो जाता है इसी बीच नितिन गडकरी ट्रांसपोर्ट मंत्री ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा एथेनॉल मिले पेट्रोल को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कोई गाड़ियों की माइलेज गिरने की बात कह रहा है तो कई लोग दावा कर रहे हैं कि इंजन पर असर पड़ रहा है
नितिन गडकरी ने गड़ियों में उन्य में खराबी और माइलेज घटने के दावों को भ्रामक बताया और कहा कि अब तक ऐसे आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने ई20 से पेट्रोल आयात घटने, किसानों को लाभ और प्रदूषण कम होने जैसे कई फायदे भी गिनाएलोगों का कहना है कि E20 से उनकी गाड़ियो का माइलेज गिर रहा है, उनका बजट बिगड़ रहा है। इतने सारे लोग झूठ क्यों बोलेंगे। इसमें कितनी सचाई है?आपने यह अच्छा सवाल किया। सबसे पहले मैं NBT के मध्यम से देशवासियों को बता देना चाहता हूं कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है, यह एकदम गलत है। 20 प्रतिशत माइलेज गिरने जैसी कोई समस्या नहीं है। असल में यह थोड़ा टेक्निकल विषय है। सच यह है कि पेट्रोल की तुलना में एथेनॉल की कैलोरिफिक वैल्यू और ऑक्टेन रेटिंग में थोड़ा फर्क है। जिससे दिल्ली-मुंबई जैसे किसी भी शहर यानी लोकल में गड़ी चलाने पर माइलेज पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इसमें अंतर केवल इतना है कि
जब आप दिल्ली-मुंबई जैसे लंबी दूरी वाले हाइवे पर गाड़ी चलाते हैं और इसमें भी 80-100 से अधिक की स्पीड से गाढ़ी दौड़ाते हैं तो माइलेज पर थोड़ा अंतर पड़ सकता है,
लेकिन यह बेहद मामूली होगा।E20 से अभी तक देश में कितनी गाड़ी खराब होने के मामले सामने आए। क्या आपके पास इसका कोई रिकॉर्ड है?रिकॉर्ड तो तब हो जब कोई गाड़ी खराब हुई हो। देश में मारुति की 40% हिस्सेदारी है।
बाकी टोयटा, टाटा और महिंद्रा समेत तमाम कार कंपनियों के पास अभी तक एक भी ऐसा मामला सामने नहीं आया।
जिसमें 20 की वजह से कोई गाड़ी खराब हुई हो। खुद मंत्रलय की वेबसाइट पर आठ दिनों में एक भी शिकायत किसी ने नहीं की। अगर फिर भी किसी को लगता है कि उसकी गाड़ी का माइलेज बहुत कम हो गया है या इस वजह से गाड़ी खराब हुई है तो वह अपनी कार कंपनी डॉलर और ऑथराइज्ड वर्कशॉप में इसकी शिकायत कर सकता है। साथ ही पीड़ित मंत्रालय की वेबसाइट पर भी सीधे हम तक यह मामला पहुंचाने के लिए शिकायत कर सकता है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। केवल सोशल मीडिया पर ही कुछ लोग शोरशराचा मचा रहे हैं। गाड़ी का इंश्योरेंस है, गारंटी है, उसमें कंपनी उसे सही करेगी।
जब गाड़ी 10 है तो फिर उसमें E20 क्यों डाला जा रहा है?मैं आपको बता दूं कि चाहे किसी की गाड़ी E10 क्यों न हो।
उसमें E20 पेट्रोल डालने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। गाड़ियां ऐसी डिजाइन की गई है कि वह इससे खराब नहीं होंगी। लोगों में यह भ्रम पैदा किया जा रहा है कि उनकी गाड़ियों इससे खराब हो जाएंगी।जबकि सच्चाई है कि भारत के अलावा ब्राजिल, अमेरिका और थाईलैंड समेत दुनिया के 13 देशों में पेट्रोल में एथेनॉल का इस्तेमाल किया जा रहा है। ब्राजील में तो भारत से भी सात फीसदी अधिक B27 पेट्रोल बेचा जाता है। लेकिन वहां से आन तक B27 से एक भी गाड़ी खराब होने या फिर माइलेज कम होने जैसी कोई शिकायत सामने नहीं आई। अगर इसमें कुछ सच्चाई होती तो क्या ऐसी बातें सामने नहीं आती। यहां देश के लोगों में केवल भ्रम पैदा किया जा रहा है, सच्चाई इससे एकदम अलग है।
गडकरी को एथेनॉल से आपके फैमिली बिजनेस को फायदा हुआ?सरासर गलत सच इसके एकदम उलट है। बेटे के बिजनेस में फायदा नहीं नुकसान हो रहा है। कंपनी पर 1600 करोड़ रुपये का कर्ज है।
देश में उनकी शुगर मिल से निकले एथेनॉल की हिस्सेदारी बहुत कम है। फिर उनका यह बिजनेस तो काफी सालों पहले से चल रहा है। इस पर मैं अधिक नहीं बोलूंगा क्योंकि वह पेट्रोलियम मिनिस्ट्री का विषय है। लेकिन आपको मैं केवल इतना बताना चाहूंगा कि ने लोग मेरे फैमिली बिजनेस पर अंगुली उठा रहे हैं। उसमें तनिक भी सच्चाई नहीं है। सच तो यह है कि कुछ लोग मुझे राजनीतिक रूप से बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। बेसिकली, मुझे दिखाकर सरकार को टारगेट कर रहे हैं। खासतौर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को,
यह पॉलिटिकली प्रोपेगंडा है।ई20 के बाद क्या देश में जल्द ई25 और ई30 पेट्रोल भी लाने की योजना है? नीति आयोग ने ई20 2030 तक लागू करने की बात कही थी, फिर आपकी सरकार ने इसे इतनी जल्दी क्यों लागू कर दिया?
फिलहाल, देश में ई25 या ई30 पेट्रोल लॉन्च करने की कोई योजना नहीं है। पहले इस पर स्टडी की जाएगी। जिसमें ऑयल कंपनियां, कार कंपनियां और अन्य इंस्टिट्यूशन शामिल होंगे। तीन-चार साल की स्टडी के बाद जो सामने आएगा, उसी हिसाब से आगे की योजना पर काम किया जाएगा। एक टेस्ट करने में चार साल लगते हैं। दो-दो लाख किलोमीटर गाड़ियां चलाकर रिसर्च की जाती है। संतुष्ट होने के बाद ही इसे फिर हेवी इंडस्ट्री मिनिस्ट्री और पेट्रोलियम मिनिस्ट्री को रिकमंड किया जाएगा। फिर आटोमोबाइल कंपनियों की मीटिंग बुलाकर सब टेस्टिंग करेंगे। तभी कुछ पता लग सकेगा कि इसे लागू किया जाए या नहीं। आएगा तो चार साल में। रही बात E20 लाने की तो अगर किसी अच्छी चीज से लोगों को और वातावरण को फायदा हो रहा है तो इसमें क्या गलत है।पिछले साल से ई 20 शुरू हो गया था तो अचानक अब कुछ ही दिनों में ऐसा क्या हुआ जो गाड़ियों में समस्या आने लगी?जैसा कि मैं पहले भी कह चुका हूं कि यह मुझे और सरकार को राजनीतिक रूप से बदनाम करने की कोशिश है। एक साल से भी अधिक समय से ई20 इस्तेमाल हो रहा है। किसी गाड़ी में माइलेज और खराब होने की समस्या नहीं आई है। अचानक, कुछ ही दिनों में यह समस्या आने लगी। जिस भी शख्स ने सोशल मीडिया पर दावा करते हुए अपनी गाड़ी खराब होने या माइलेज कम होने की बात कही, जब उनसे उनसे गाड़ी चेक कराने के लिए कहा गया तो वे बैकफुट पर चले गए। अब आप ही बताएं कि ऐसा क्यों? अगर वह अपने आरोपों पर सही थे तो फिर गाड़ियां क्यों नहीं दिखाई। जिसने दिखाई उनकी गाड़ी के ईंधन में मिलावट पाई गई। इससे साफ जाहिर है कि लोग झूठ बोल रहे हैं।लोगों का कहना है कि उनके पास ई-20 के अलावा ई-10 और प्योर पेट्रोल भरवाने के भी विकल्प होने चाहिए। आप का क्या कहना है?यह मेरा कार्यक्षेत्र नहीं है, इसमें पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ही कुछ बता सकती है। हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि भारत में भी ब्राजील मॉडल चलाया जा सकता है। ब्राजील में ई-20, ई-100 और 100% पेट्रोल वाले ऑप्शन दिए जाते है। भारत में भी इस तरह के लोगों को विकल्प मिलने शुरू हो जाएं तो अच्छा हो। इसमें भी ई-10 वाला विकल्प भी मिल जाए। हालांकि, प्योर पेट्रोल की कीमत करीब 167 रुपये प्रति लीटर है। जबकि ई-20 की कीमत करीब 102 रुपये प्रति लीटर।E20 तेल के विषय में नितिन गडकरी ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा कि इससे गाड़ियों को कोई भी नुकसान नहीं होगा
