
4 जुलाई/ DPH NEWS
सार
अर्जेंटीना के स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी का फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026 में अपना पहला गोल दाग़ना.मेसी ने अल्जीरिया के गोलकीपर को छकाते हुए अपना पहला गोल दागा.हालाँकि उस भीड़ में अर्जेंटीना का कोई मौजूद नहीं था
विस्तार
अर्जेंटीना के स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी का फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026 में अपना पहला गोल दाग़ना.मेसी ने अल्जीरिया के गोलकीपर को छकाते हुए अपना पहला गोल दागा.हालाँकि उस भीड़ में अर्जेंटीना का कोई मौजूद नहीं था. उछलते-कूदते प्रशंसकों में से कई लोगों ने अर्जेंटीना की मशहूर अल्बिसेलेस्ते (सफ़ेद और आसमानी नीली) जर्सी पहन रखी थी.वे सभी बांग्लादेश की राजधानी ढाका में कई खुले मैदानों में वॉच पार्टी कार्यक्रमों में शामिल स्थानीय लोग थे. यहां बड़ी स्क्रीन पर वर्ल्ड कप के मैच देखने की व्यवस्था की गई है.भारत और इंडोनेशिया के कई शहरों में भी इसी तरह सड़कों पर बड़ी संख्या में फ़ुटबॉल प्रेमी जुट रहे हैं.इन प्रशंसकों ने मेसी और अर्जेंटीना की टीम को अपनी टीम की तरह अपना लिया है, क्योंकि उनके अपने देश की राष्ट्रीय टीमें बार-बार विश्व कप के लिए क्वालिफ़ाई करने में नाकाम रही हैं.
दुनिया के 10 सबसे अधिक आबादी वाले देशों में से केवल दो, अमेरिका और ब्राज़ील ही मौजूदा विश्व कप में जगह बना सके हैं.
दो अन्य बड़ी आबादी वाले देश रूस और नाइजीरिया पिछले कई विश्व कप में खेल चुके हैं.चीन और इंडोनेशिया अब तक दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेल आयोजन यानी वर्ल्ड कप फ़ुटबॉल में केवल एक-एक बार ही हिस्सा ले पाए हैं.दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाले देश भारत के साथ-साथ बांग्लादेश, इथियोपिया और पाकिस्तान अब तक केवल विश्व कप में खेलने का सपना ही देख पाए हैं.हालांकि भारत ने तकनीकी रूप से 1950 में ब्राज़ील में हुए विश्व कप के लिए क्वालिफ़ाई कर लिया था, लेकिन टूर्नामेंट शुरू होने से एक महीने से भी कम समय पहले उसने अपना नाम वापस ले लिया.बांग्लादेश की प्रसिद्ध अभिनेत्री, लेखिका और फ़ुटबॉल प्रेमी ऑदित करीम ने बीबीसी से कहा,
“यह बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता कि लाखों फ़ुटबॉल प्रशंसकों वाला कोई देश फुटबॉल के मामले में इतना पीछे रह जाए.
“सवाल यह है कि आख़िर किसी देश की बड़ी आबादी फ़ुटबॉल में सफलता का भरोसेमंद पैमाना क्यों नहीं बन पाती?सैद्धांतिक तौर पर देखें तो किसी देश की आबादी जितनी अधिक होगी, उतने ही ज़्यादा खिलाड़ियों के वहां से सामने आने की संभावना हो सकती है.अब तक विश्व कप जीतने वाले आठ देशों में से सात, अर्जेंटीना, ब्राज़ील, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली और स्पेन, अपेक्षाकृत बड़ी आबादी वाले देश हैं.इस सूची में केवल उरुग्वे अपवाद है, लेकिन इसकी चर्चा आगे करेंगे.हालांकि, ब्रिटिश शिक्षाविद और अर्थशास्त्री स्टीफन शिमांस्की कहते हैं कि आबादी कई महत्वपूर्ण कारकों में से केवल एक है.बेस्ट सेलिंग बुक में शामिल चर्चित किताब ‘सॉकरनॉमिक्स’ के सह-लेखक शिमांस्की कहते हैं, “फ़ुटबॉल काफ़ी हद तक किसी देश की अर्थव्यवस्था की तरह काम करता है. तरक्की के लिए लोगों की जरूरत होती है, लेकिन इसके साथ पूंजी और बुनियादी ढांचे की भी उतनी ही जरूरत होती है.
