मिडिल ईस्ट जंग :ईरान का चीन को झटका, होर्मुज से वापिस भेजे 2 जहाज

28 मार्च/DPH News

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान ने शुक्रवार (27 मार्च 2026) स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में चीन के दो जहाज रोक दिए. तेहरान के इस कदम ने दुनिया को चौंका दिया है क्योंकि वो अब तक ये कहता रहा है कि इस समुद्री रास्ते से सिर्फ इजरायल और अमेरिका के सहयोगी देशों के जहाज नहीं गुजरेंगे. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है और उसने अमेरिका और इजरायल के सहयोगियों से जुड़े जहाजों को वहां से गुजरने के खिलाफ चेतावनी दी है.वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने चीन के स्वामित्व वाले दो शिप को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से वापस भेज दिया. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि CSCL Indian Ocean और CSCL Arctic Ocean नाम के दो चीनी जहाज ईरान के दक्षिणी बंदरगाह बंदर अब्बास के पास लारक द्वीप के नजदीक से ही वापस मुड़ गए. Nour News के अनुसार, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उसने अलग-अलग देशों के तीन कंटेनर जहाजों को वापस लौटा दिया और उन देशों के बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर रोक लगा दी है, जो अमेरिका और इजरायल का समर्थन करते हैं.WSJ ने ये भी बताया कि होर्मुज स्ट्रेट से अब सिर्फ उन्हीं जहाजों को गुजरने की इजाजत दी जा रही है, जिन पर ईरान के लिए घरेलू सामान, कारें, कपड़े और दवाएं जैसी चुनिंदा सामान लदे हैं. जबकि अनाज ले जाने वाले कुछ जहाजों को काफी देरी के बाद हाल ही में ईरान के बंदरगाहों में एंट्री करने की इजाजत मिली है.इस बीच इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने ईरान पर और तेज हमले की चेतावनी दी है. पेंटागन मिडिल ईस्ट में 10,000 तक अतिरिक्त थल सैनिकों को भेजने पर विचार कर रहा है. अमरिका का कहना है कि इससे ईरान पर हमला करने के विकल्प बढ़ेंगे. ट्रंप ने ईरानी एनर्जी सेक्टर पर हमला नहीं करने के फैसले को तीन और बढ़ा दिया है. चीन और ईरान के संबंध काफी पुराने हैं. ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से पहले से चीन ईरान को हथियार बेचता रहा है, लेकिन सुरक्षा गारंटी देने से बचता रहा है. वहीं ईरान अपना 90 फीसदी तेल चीन को बेचता है.

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