
09 मार्च/डी,पी,एच न्यूज़
अब तक का सबसे लंबे मिलिट्री झगडा ,711 AD से 1492 AD तक चला था. यानी कि 781 साल. यह लंबा संघर्ष इबेरियन पेनिनसुला में हुआ था. यहां ईसाई राज्यों ने मूर्स नाम से जाने जाने वाले मुस्लिम खानदानों के राज वाले इलाकों को वापस पाने की कोशिश की थी. यह लड़ाई तब शुरू हुई थी जब आठवीं सदी की शुरुआत में मुस्लिम सेनाओं ने आज के स्पेन और पुर्तगाल के बड़े हिस्सों पर कब्जा कर लिया. सदियों से कैस्टिले, एरागॉन और लियोन जैसे ईसाई राज्यों ने धीरे-धीरे कंट्रोल को वापस पा लिया. यह लड़ाई आखिरकार 1492 में ग्रेनेडा के पतन के साथ खत्म हुई. इसके बाद इस इलाके में ईसाई राज पूरी तरह से वापस आ गया.एक और काफी लंबी लड़ाई रोमन-फारसी युद्ध थी. यह 54 BC से 628 AD तक लगभग 681 साल तक चली. इन युद्धों की सीरीज में रोमन साम्राज्य और बाद में बाइजेंटाइन साम्राज्य ने पार्थियन और ससानियन राजवंशों के साथ एक के बाद एक फारसी साम्राज्यों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. यह लड़ाई मिडिल ईस्ट और कॉकेशस इलाके के खास इलाकों पर कंट्रोल के इर्द-गिर्द घूमती रही. दोनों साम्राज्य ने बार-बार हमले, जवाबी हमले और बॉर्डर पर कैंपेन किए. इससे यह दुनिया के इतिहास की सबसे लंबी लगातार जियोपॉलिटिकल दुश्मनी बन गई.बाइजेंटाइन-ओटोमन युद्ध 1265 और 1479 के बीच लगभग 214 सालों तक चला. यह युद्ध बाइजेंटाइन साम्राज्य के धीरे-धीरे खत्म होने और ओटोमन ताकत के बढ़ने का निशान था. इस लंबे टकराव के दौरान ओटोमन तुर्कों ने अनातोलिया और बाल्कन में अपने इलाके को लगातार बढ़ाया. यह लड़ाई आखिरकार 1453 में कॉन्सटेंटिनोपल के पतन के साथ खत्म हुई. इसने असल में बाइजेंटाइन साम्राज्य को खत्म कर दिया. यह युद्ध असल में 1337 से 1453 तक 116 सालों तक चला. यह इंग्लैंड और फ्रांस के बीच फ्रांसीसी राजगद्दी और इलाके पर कब्जे के दावों को लेकर लड़ा गया था. इस युद्ध में कई लड़ाइयां, राजनीतिक गठबंधन और कुछ समय की शांति के दौर शामिल थे. जोन ऑफ आर्क जैसी मशहूर ऐतिहासिक हस्तियों ने ताकत का संतुलन बदलने में एक बड़ी भूमिका निभाई. लड़ाई के आखिर तक फ्रांस ने काफी हद तक इंग्लिश सेनाओं को खदेड़ दिया था