
25 मार्च / DPH News
ईरान और अमेरिका के बीच समझौता कराने के लिए मिडिल ईस्ट के सबसे बड़े मध्यस्थ माने जाने वाले मिस्र की एंट्री हो गई है. मिस्र ने खाड़ी देशों से बात की है. मिस्र की कोशिश समझौते की शर्तें तय कर सीजफायर कराने की है. मिस्र पहले भी कई ऐसे जंग को रुकवाने में अहम भूमिका निभा चुका है, जिसे पेचीदा माना जाता था.ईरान और अमेरिका के बीच समझौता कराने में मध्य पूर्व के सबसे बड़े मध्यस्थ माने जाने वाले मिस्र की एंट्री हो गई है. युद्धविराम के लिए मिस्र ने खाड़ी देशों से संपर्क साधने की कवायद शुरू कर दी है. इसी कड़ी में मिस्र ने कतर और तुर्की के नेताओं से बातचीत की है. तुर्की ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित मध्यस्थता का नेतृत्व कर रहा है, लेकिन इस समय मिस्र की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है.Euronews के मुताबिक, शांति समझौता कराने में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फ़तह अल-सीसी खुद सक्रिय हैं और लगातार समझौते की शर्तों पर चर्चा कर रहे हैं. अल-सीसी की कोशिश मध्य पूर्व को युद्ध से बचाने की है, क्योंकि ईरान ने यह ऐलान किया है कि अगर उसके तेल और ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया गया, तो वह पूरे मध्य पूर्व को युद्ध में झोंक देगा.