
15 मार्च/DPH News
आप को बता दे कि बीते दिनों ईरान के द्वीप खर्ग पर अमेरिकी हमले से चीन के हितों पर चोट हुई है. इस कारण इस जंग का भविष्य और भयावह होता दिख रहा है. इस बीच भारत और ईरान के बीच एक डील हुई है. इस डील के तहत भारत आ रहे दो तेल टैंकर शिवालिक और नंदा देवी को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने की अनुमति मिली है. क्या है वो डील, बता रहे हैं सामरिक मामलों के जानकार ब्रह्मा चेलानी. हालांकि अभी भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारत के 22 जहाज फंसे हुए हैं.पश्चिम एशिया की स्थिति भयानक बनी हुई है. ईरानी द्वीप खर्ग पर अमेरिकी के अब तक सबसे बड़े हमले ने जंग का रुख बदल दिया है. इस द्वीप पर हमले के कारण सीधे तौर पर चीन के हितों पर चोट हुआ है. इस बीच ईरान के साथ भारत के कूटनीतिक संबंधों में काफी सुधार हुआ है. दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर बातचीत हुई है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के दो टैंकरों को जाने दिया है. ये दोनों टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर भारत पहुंच गए हैं. लेकिन, सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान कब्जा करके बैठा है वहां से उसने भारतीय टैंकरों को जाने की अनुमति क्यों दी.